
सुकमा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बहुचर्चित तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पूर्व में डीएफओ की गिरफ्तारी के बाद अब तीन डिप्टी रेंजर, एक वनरक्षक और सात वनोपज समिति प्रबंधकों को गिरफ्तार किया गया है। सभी को दंतेवाड़ा की ACB कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
क्या है मामला?
यह मामला वर्ष 2021 और 2022 के बीच का है, जब तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाली प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि में बड़े पैमाने पर धांधली और फर्जीवाड़ा किया गया।
जांच में सामने आया कि मृतकों और उन ग्रामीणों के नाम पर भी संग्रहण दर्शाकर राशि निकाली गई, जिनका तेंदूपत्ता से कोई लेना-देना नहीं था। यह घोटाला डीएफओ, डिप्टी रेंजर और वनोपज समिति के प्रबंधकों की सिंडिकेट के जरिए अंजाम दिया गया।
पहली गिरफ्तारी से लेकर अब तक
- एसीबी को घोटाले की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई।
- 17 अप्रैल 2025 को तत्कालीन डीएफओ अशोक कुमार पटेल को पहली बार गिरफ्तार किया गया।
- जांच आगे बढ़ने पर अब तक कुल 11 और गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- डिप्टी रेंजर:
- चैतूराम बघेल
- देवनाथ भारद्वाज
- पोडियामी इडिमा उर्फ हिडमा
- वनरक्षक:
- मनीष कुमार बारसे
- वनोपज समिति प्रबंधक:
- पायम सत्यनारायण उर्फ शत्रु
- मोहम्मद शरीफ
- सीएच रमना
- सुनील नुप्पो
- रवि कुमार गुप्ता
- आयतू कोरसा
- मनोज कवासी
भविष्य में और गिरफ्तारी की संभावना
एसीबी सूत्रों के अनुसार, घोटाले की रकम और दोषियों की संख्या काफी अधिक हो सकती है। जांच अब भी जारी है और भविष्य में और अधिकारियों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


