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दो फीट बाहर निकले बॉक्स और लोहे के एंगल, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा राजिम की सड़क पर खतरे का DJ

30 अगस्त 2026 //

राजिम न्यूज़ धमाका – राजिम में छोटे मालवाहक टाटा एस वाहन में बड़े-बड़े डीजे बॉक्स और लोहे के एंगल इस तरह लगाए गए हैं कि वाहन की मूल चौड़ाई से अतिरिक्त ढांचा कई फीट बाहर निकल गया है।

शहर और आसपास की सड़कों पर यातायात सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करने वाली तस्वीर सामने आई है। एक छोटे मालवाहक टाटा एस वाहन में बड़े-बड़े डीजे बॉक्स और लोहे के एंगल इस तरह लगाए गए हैं कि वाहन की मूल चौड़ाई से अतिरिक्त ढांचा कई फीट बाहर निकल गया है। सड़क पर दौड़ता यह वाहन दूसरे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए संभावित खतरा बन सकता है।

वाहन की चौड़ाई से बाहर निकले DJ बॉक्स

वाहन के दोनों किनारों पर लगाए गए डीजे बॉक्स करीब दो-दो फीट बाहर निकले हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा निचले हिस्से में भी लोहे के एंगल लगे हैं, जो वाहन के सामान्य आकार से बाहर हैं। ऐसे में वाहन की वास्तविक चौड़ाई काफी बढ़ गई है और सड़क पर दूसरे वाहनों को निकलने में परेशानी हो सकती है।

रात के अंधेरे में ज्यादा खतरनाक स्थिति

दिन के उजाले में तो सामने से आने वाला वाहन चालक इस अतिरिक्त हिस्से को देखकर सावधानी बरत सकता है, लेकिन रात के समय स्थिति बेहद जोखिम भरी हो सकती है। खासकर संकरी सड़क पर अचानक आमने-सामने दोपहिया वाहन आने पर बाहर निकले बॉक्स या लोहे के एंगल से टक्कर की आशंका बढ़ जाती है।

टक्कर हुई तो नुकसान कितना गंभीर होगा?

कल्पना कीजिए कि रात में यह वाहन किसी संकरी सड़क से गुजर रहा हो और सामने से बाइक सवार आ जाए। सीमित जगह में बाइक चालक के पास बचने का विकल्प कम होगा। ऐसे में वाहन से बाहर निकला भारी डीजे बॉक्स या लोहे का एंगल सीधे टक्कर की वजह बन सकता है। हादसे की स्थिति में चोट की गंभीरता भी बढ़ सकती है।

DJ लगाने के चक्कर में सड़क सुरक्षा से समझौता?

डीजे वाहनों में ज्यादा से ज्यादा साउंड बॉक्स लगाने की होड़ अब सड़क सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। छोटे वाहनों पर क्षमता से अधिक और बाहर निकले हुए उपकरण लगाने से वाहन का संतुलन, चौड़ाई और सड़क पर सुरक्षित संचालन प्रभावित हो सकता है। सवाल डीजे लगाने का नहीं, बल्कि उसे किस तरह और कितनी सुरक्षित तरीके से वाहन पर लगाया गया है, इसका है।

पुलिस और RTO की नजर से कैसे बचा वाहन?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि सड़क पर खुलेआम चल रहा ऐसा वाहन जांच एजेंसियों की नजर से कैसे बच रहा है? यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर वाहनों की जांच की जाती है, लेकिन इस तरह वाहन की मूल संरचना से बाहर निकले भारी उपकरणों पर निगरानी कितनी प्रभावी है, यह सवाल अब उठने लगा है।

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने ऐसे वाहनों की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि डीजे वाहनों के फिटनेस, परमिट, वाहन की निर्धारित चौड़ाई, अतिरिक्त ढांचे और सुरक्षा मानकों की जांच की जानी चाहिए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित वाहन चालक और मालिक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
सड़क पर सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। किसी एक वाहन को अतिरिक्त सामान के साथ चलने की छूट दूसरे राहगीरों की जिंदगी पर भारी नहीं पड़नी चाहिए। हादसा होने का इंतजार करने के बजाय ऐसे वाहनों की समय रहते जांच और कार्रवाई जरूरी है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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