छतीसगढ़जगदलपुर

झीरम कांड पर फैसला आने वाला है  सिंह देव बोले- मैंने NIA कोर्ट को बताई सच्चाई, वो बातें सामने आएं तब होगा भरोसा

30 अगस्त 2026 //

जगदलपुर न्यूज़ धमाका – झीरम घाटी मामले में 31 अगस्त को NIA कोर्ट के फैसले से पहले टीएस सिंहदेव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, घटना का प्रत्यक्षदर्शी होने के नाते अपना बयान दर्ज कराया।

 छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी नक्सली हमले को लेकर 31 अगस्त को NIA कोर्ट के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं। फैसले से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान सामने आया है।

झीरम की घटना को लेकर सिंहदेव का बड़ा दावा

सिंहदेव ने दावा किया है कि, उन्होंने खुद जगदलपुर पहुंचकर NIA कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि, वे झीरम घाटी की उस भयावह घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं और उन्होंने अपने बयान में पूरी घटना की आंखों देखी जानकारी दर्ज कराई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

टीएस सिंहदेव ने कहा कि, उन्होंने अपने बयान में घटना के दिन सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम बिंदुओं का भी जिक्र किया है। उनके मुताबिक, झीरम घाटी इलाके में पुलिस की मौजूदगी बेहद कम थी और रास्ते भर कहीं भी पर्याप्त फोर्स तैनात नहीं की गई थी। सिंहदेव ने कहा कि, अगर उनके बयान में बताई गई ये सारी बातें जांच रिपोर्ट में सामने आती हैं और घटना को लेकर जवाबदेही तय होती है, तभी वे NIA कोर्ट के फैसले से संतुष्ट होंगे।

सियासी बयानबाजी से इतर सच्चाई सामने लाने पर जोर

सिंहदेव का बयान ऐसे वक्त आया है, जब झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के संभावित फैसले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा तेज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि, उनका बयान किसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के लिए नहीं, बल्कि घटना के दौरान उन्होंने जो देखा, उसे जांच एजेंसी के सामने रखने के लिए था। उन्होंने कहा कि, झीरम घाटी हमले की सच्चाई सामने आना और घटना के लिए जिम्मेदारी तय होना बेहद जरूरी है। अब सभी की निगाहें 31 अगस्त को आने वाले फैसले पर टिकी हैं।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!