
08 अगस्त 2026 //
रायपुर न्यूज़ धमका – अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी पर छत्तीसगढ़ में सियासत गरमा गई। BJP ने धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग पर सवाल उठाए, जबकि कांग्रेस ने सरकार पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया
भगवान शिव और अन्य हिंदू देवी-देवताओं को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। पुलिस ने मामले में अरुण पन्नालाल और हंसराज गोयल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 353(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
भाजपा नेताओं ने सिविल लाइंस थाने पहुंचकर डीसीपी तारकेश्वर पटेल को ज्ञापन सौंपा और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी, विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बृजेश पाण्डेय सहित अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कथित टिप्पणियों को लेकर कार्रवाई की मांग की थी।
अजय चंद्राकर ने लगाए गंभीर आरोप
अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मामले को धर्मांतरण के मुद्दे से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अरुण पन्नालाल को छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का कथित “किंगपिन” बताते हुए कहा कि मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए। चंद्राकर ने यह भी सवाल उठाया कि कथित तौर पर फंडिंग कहां से आती है और क्या इसमें विदेशी फंडिंग शामिल है। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की।
कांग्रेस ने BJP-RSS पर साधा निशाना
वहीं, अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल और आरएसएस से जुड़े लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और कांग्रेस इसकी निंदा करती है। श्री शुक्ला ने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले पर आत्मावलोकन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के नाम पर लोगों को उकसाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान सभी लोगों का है और यहां संत-महात्माओं का सम्मान करने की परंपरा रही है।
गिरफ्तारी के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
धार्मिक टिप्पणी से शुरू हुआ यह मामला अब सीधे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन गया है। भाजपा जहां इसे धार्मिक भावनाओं और कानून-व्यवस्था से जोड़कर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस गिरफ्तारी को लेकर सरकार और भाजपा समर्थित संगठनों की भूमिका पर सवाल उठा रही है। ऐसे में अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद आने वाले राजनीतिक बयान आने वाले दिनों में इस विवाद को और तूल दे सकते हैं।



