
15 जुलाई 2026 //
जगदलपुर न्यूज़ धमाका – जगदलपुर. बस्तर में सदियों पुरानी गोंचा महापर्व की भव्यता एक बार फिर अपने चरम पर पहुंचने जा रही है. 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज ने रियासतकालीन परंपराओं के अनुरूप आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली हैं. 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के 22 विग्रह तीन विशाल रथों पर नगर भ्रमण करेंगे. तुपकी की पारंपरिक सलामी और धार्मिक अनुष्ठान महापर्व की विशेष पहचान होंगे. 25 जुलाई तक चलने वाले इस आयोजन में प्रतिदिन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की भजन संध्या श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी. 21 जुलाई को भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा. 17 से 23 जुलाई तक समाज की विभिन्न समितियां अमनिया अर्पित करेंगी. 20 जुलाई को तुपकी बनाने वाले ग्रामीण कारीगरों और समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान होगा. दस वर्षों बाद तेरह दिव्य वेश झांकियां नए स्वरूप में प्रस्तुत की जाएंगी. बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है. गोंचा महापर्व इस बार भी बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को देशभर में नई पहचान देगा
बस्तर का ऐतिहासिक गोंचा महापर्व आज से, 22 विग्रहों की भव्य रथयात्रा बनेगी आकर्षण
बस्तर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान माने जाने वाले ऐतिहासिक गोंचा महापर्व का शुभारंभ 16 जुलाई से होने जा रहा है। सदियों पुरानी परंपराओं के अनुसार इस वर्ष भी 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज द्वारा महापर्व का भव्य आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
महापर्व के पहले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के 22 दिव्य विग्रह तीन विशाल रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। रियासतकालीन परंपरा के अनुसार तुपकी की पारंपरिक सलामी और विशेष धार्मिक अनुष्ठान इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रहेंगे।
25 जुलाई तक चलने वाले इस धार्मिक महोत्सव में प्रतिदिन पूजा-अर्चना, भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक आयोजन होंगे। राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की भजन संध्या श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।
21 जुलाई को भगवान जगन्नाथ को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। वहीं 17 से 23 जुलाई तक समाज की विभिन्न समितियों द्वारा पारंपरिक अमनिया अर्पण की रस्म निभाई जाएगी। 20 जुलाई को तुपकी बनाने वाले ग्रामीण कारीगरों और समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया जाएगा।
🎉 10 साल बाद लौटेंगी 13 दिव्य वेश झांकियां, गोंचा महापर्व में दिखेगी भव्य झलक
इस वर्ष महापर्व की सबसे खास बात यह होगी कि करीब दस वर्षों बाद तेरह दिव्य वेश झांकियां नए और भव्य स्वरूप में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रस्तुत की जाएंगी। साथ ही बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

✨ 16 से 25 जुलाई तक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की धूम, जगदलपुर बनेगा आस्था का केंद्र
बस्तर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक ऐतिहासिक गोंचा महापर्व 16 जुलाई से पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ शुरू हो रहा है। 25 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में जगदलपुर धार्मिक आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बना रहेगा। आयोजन को लेकर 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।महापर्व के पहले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के 22 दिव्य विग्रह तीन विशाल रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। रियासतकालीन परंपरा के अनुसार तुपकी की पारंपरिक सलामी और विशेष धार्मिक अनुष्ठान महापर्व की भव्यता को और बढ़ाएंगे।पूरे आयोजन के दौरान प्रतिदिन पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की भजन संध्या श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी
हर वर्ष की तरह इस बार भी गोंचा महापर्व बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आस्था और परंपराओं की भव्य झलक देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को देखने को मिलेगी।
📿 सदियों पुरानी परंपरा का भव्य उत्सव, गोंचा महापर्व देगा बस्तर की संस्कृति को नई पहचान
बस्तर की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक गोंचा महापर्व एक बार फिर पूरे वैभव के साथ शुरू होने जा रहा है। 16 जुलाई से 25 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। आयोजन को लेकर 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
