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कोंडागांव में वन विभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई: 100 एकड़ वनभूमि से हटाया गया अवैध कब्जा, करोड़ों की वन संपदा बचाई गई

11 जून 2026

अमन न्यूज़, कोंडागांव – कोंडागांव जिले में वन संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वन, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मुलमला रेंज के मालगांव, धुंसी और बुडरा क्षेत्र में लगभग 100 एकड़ (35 हेक्टेयर) वनभूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया।

वर्षों से काटे जा रहे थे जंगल, खेती और मकान बनाकर किया गया कब्जा

पिछले कई वर्षों से वनभूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर जंगलों की कटाई की जा रही थी। बड़ी संख्या में बहुमूल्य वृक्षों को नष्ट कर भूमि को खेती योग्य बनाया गया तथा कई स्थानों पर स्थायी मकान भी निर्मित कर लिए गए थे।

वन अधिकारियों के अनुसार इस अवैध कब्जे से करोड़ों रुपये मूल्य की वन संपदा को नुकसान पहुंचा और प्राकृतिक वन क्षेत्र का स्वरूप पूरी तरह बदल गया था।

2010 से बढ़ रहा था अतिक्रमण

वन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक ग्राम कुम्हारी पंचायत निवासी बजरंग नेताम तथा बड़े कनेरा पंचायत निवासी चैतन्य कश्यप सहित अन्य लोगों द्वारा वर्ष 2010 से लगातार वनभूमि पर अतिक्रमण बढ़ाया जा रहा था। धीरे-धीरे सैकड़ों पेड़ों की कटाई कर विशाल क्षेत्र को खेती में परिवर्तित कर दिया गया।


जंगल खत्म करने के लिए अपनाए गए सुनियोजित तरीके

जांच के दौरान वन विभाग को ऐसे कई प्रमाण मिले जिनसे पता चला कि अतिक्रमणकारियों ने जंगल को व्यवस्थित रूप से समाप्त करने की कोशिश की थी।

  • पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई की गई।
  • कई वृक्षों में गार्डलिंग कर उन्हें सुखाया गया।
  • कुछ क्षेत्रों में आग लगाई गई।
  • रसायनों का उपयोग कर पेड़ों को धीरे-धीरे नष्ट किया गया।
  • वन विभाग का मानना है कि यह कब्जा बढ़ाने की सुनियोजित प्रक्रिया का हिस्सा था।

बार-बार नोटिस के बाद भी नहीं हटाया गया कब्जा

दक्षिण मंडल कोंडागांव के एसडीओ आशीष कोटलीवार ने बताया कि संबंधित लोगों को कई बार नोटिस जारी कर वनभूमि खाली करने के निर्देश दिए गए थे। समझाइश और वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी जब कब्जा नहीं हटाया गया, तब संयुक्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

तीन विभागों की संयुक्त कार्रवाई से मचा हड़कंप

अभियान के दौरान वन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बड़ी टीम मौके पर पहुंची। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।

बेहतर समन्वय और सुनियोजित रणनीति के चलते अभियान शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


महिला पुलिस बल सहित भारी सुरक्षा व्यवस्था

किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवानों और महिला पुलिस बल को तैनात किया गया था। पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी।

वन क्षेत्र में ही बनाई गई अस्थायी रसोई

कार्रवाई स्थल दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में होने के कारण अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के लिए भोजन की व्यवस्था मौके पर ही की गई। वन क्षेत्र में अस्थायी रसोई बनाकर भोजन तैयार किया गया, जिससे अभियान बिना रुके लगातार चलता रहा।

प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान मानवीय संवेदनशीलता का भी परिचय दिया। अवैध निर्माण हटाने से पहले घरों में रखा निजी सामान सुरक्षित बाहर निकलवाया गया।

इसके बाद बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माणों को हटाकर पूरी वनभूमि को वन विभाग के कब्जे में ले लिया गया।

अब दोबारा बसाया जाएगा जंगल

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई 100 एकड़ भूमि पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य नष्ट हो चुके वन क्षेत्र को पुनर्जीवित करना और हरित आवरण को बढ़ाना है

कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन के कदम की सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल ही उनकी आजीविका, जल स्रोत, लघु वनोपज और पर्यावरणीय सुरक्षा का आधार हैं।

ग्रामीणों ने वनभूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की मांग की है।

कोंडागांव प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि पात्र हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टे दिए जाते रहेंगे, लेकिन वनभूमि पर अवैध कब्जा, जंगलों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वन विभाग के अनुसार जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमण की पहचान कर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और वन संरक्षण के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे


Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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