
बेमेतरा न्यूज धमाका – शिक्षक धनेश रजक और उनकी पत्नी लेखा रजक को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य अलंकरण ‘छत्तीसगढ़ गौरव सम्मान 2025’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान रायपुर में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।
धनेश रजक शासकीय प्राथमिक शाला खपरी धोबी में प्रधान पाठक हैं, जबकि उनकी पत्नी लेखा रजक शासकीय प्राथमिक शाला सुवरतला, विकास खंड साजा में सहायक शिक्षिका हैं।
धनेश रजक का योगदान
धनेश रजक न केवल उत्कृष्ट शिक्षक हैं, बल्कि नृत्य, गायन, वादन, मंच संचालन और कब्बड्डी खेल के प्रशिक्षक भी हैं। उन्होंने बच्चों को कविता, गीत और हारमोनियम व तबला बजाकर पढ़ाई में रुचि दिलाने का प्रयास किया। उन्होंने विद्यालय परिसर को आकर्षक बनाने के लिए दीवारों पर पेंटिंग कराई, स्वयं के खर्च से पेड़ लगाए और बच्चों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और त्योहारों की जानकारी दी।
लेखा रजक का योगदान
लेखा रजक गणित विषय की सहायक शिक्षिका हैं। वे खेल-खेल में पढ़ाई करवाती हैं, कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देती हैं और नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण में रुचि बढ़ाती हैं। उनका बच्चों के प्रति स्नेह और सहयोग उन्हें छात्र-छात्राओं के बीच बहुत लोकप्रिय बनाता है।
सम्मान और बधाई
शिक्षक कला प्रतिभा अकादमी छत्तीसगढ़ के संस्थापक संजय कुमार मैथिल, अध्यक्ष मीना भारद्वाज और अन्य पदाधिकारियों ने दंपत्ति को छत्तीसगढ़ गौरव सम्मान 2025 से सम्मानित किया।
सम्मान प्राप्त होने पर सरपंच, विकास खंड अधिकारी और स्कूल के शिक्षक-मित्रों ने दंपत्ति को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
इस पुरस्कार ने रजक दंपत्ति की शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट सेवा को मान्यता दी है और बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए उनके समर्पण को सराहा गया।
