
मानपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़–महाराष्ट्र बॉर्डर पर लगातार हो रही बड़ी कार्रवाइयों से नक्सली संगठन बिखरता जा रहा है। इसी दबाव के बीच आरकेबी डिवीजन कमेटी के नक्सली दंपती लक्ष्मण और जरीना ने कोंडागांव पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
बंडा पहाड़ मुठभेड़ के बाद सरेंडर
हाल ही में मोहला जिले के मदनवाड़ा थाना क्षेत्र के बंडा पहाड़ में हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के बड़े कमांडर विजय रेड्डी और लोकेश सलामे को मार गिराया था। इस एनकाउंटर के बाद जान बचाकर भागे लक्ष्मण (डीवीसीएम) और उसकी पत्नी जरीना (एसीएम) ने अंततः समर्पण कर दिया।
बड़े इनामी नक्सली थे दोनों
लक्ष्मण पर 8 लाख रुपए और जरीना पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। दोनों ने बस्तर के कोंडागांव पुलिस अधीक्षक वाय. अक्षय कुमार के सामने हथियार डाल दिए।
लगातार कार्रवाई से डरा संगठन
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षाबलों की लगातार दबिश, वरिष्ठ कमांडरों के मारे जाने और संगठन के अंदरूनी मतभेदों ने नक्सलियों को कमजोर कर दिया है। अब कई कैडर “मुख्यधारा में लौटने” और सुरक्षित पारिवारिक जीवन जीने की इच्छा जता रहे हैं।
6 और 13 अगस्त की बड़ी कार्रवाई
- 6 अगस्त: मोहला मानपुर क्षेत्र से हार्डकोर नक्सली श्रीकांत पुनेम हथियार सहित गिरफ्तार।
- 13 अगस्त: बंडा पहाड़ मुठभेड़ में टॉप कमांडर विजय रेड्डी और लोकेश सलामे मारे गए।
- 18 अगस्त: दबाव झेल रहे लक्ष्मण और जरीना ने बॉर्डर से भागकर कोंडागांव में सरेंडर कर दिया।
पुलिस कर रही पूछताछ
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मसमर्पित दंपती से नक्सली गतिविधियों और मुठभेड़ों के बारे में अहम जानकारी जुटाई जा रही है।
