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बिलासपुर: पुलिस अधिकारी बनकर बुजुर्ग को रखा ‘डिजिटल अरेस्ट’, 57 लाख की ऑनलाइन ठगी

बिलासपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में एक शातिर ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। जहां एक व्यक्ति ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक बुजुर्ग से 57 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठग ने बुजुर्ग को दो दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखते हुए, उन्हें फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी और झूठे आरबीआई जांच के नाम पर बैंक खाते से मोटी रकम ट्रांसफर करवा ली।


कैसे रची गई हाईटेक ठगी की साजिश

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बुजुर्ग को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया और कहा कि बुजुर्ग का नाम करोड़ों रुपये के फर्जी बैंक लेनदेन के एक केस में आ चुका है।

आरोपी ने कहा कि मामला RBI द्वारा जांचाधीन है और अगर सहयोग नहीं किया गया तो बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद बुजुर्ग को दो दिनों तक डिजिटल अरेस्ट (फोन व इंटरनेट निगरानी में रखकर अलग-थलग करना) में रखा गया।


57 लाख की ठगी ऐसे हुई

डर और भ्रम में आकर बुजुर्ग ने ठग के बताए अनुसार पहले 50 लाख रुपये, फिर दोबारा में 7 लाख रुपये एक कथित “सुरक्षित जांच खाते” में ट्रांसफर कर दिए। ठग लगातार भरोसा दिलाता रहा कि यह रकम जांच पूरी होने के बाद लौटा दी जाएगी।

जब दो दिन बीतने के बाद भी कोई “पुलिस कार्रवाई” या वापसी नहीं हुई, तब पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।


पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

शिकायत मिलने पर पुलिस ने तत्काल आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
बिलासपुर पुलिस का कहना है:

“इस तरह की ठगी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। प्रारंभिक जांच में यह मामला साइबर क्राइम नेटवर्क से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। तकनीकी विश्लेषण और कॉल डिटेल्स के जरिए जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।”


डिजिटल अरेस्ट: नई साइबर ठगी की तकनीक

साइबर अपराधी अब ‘डिजिटल अरेस्ट’ का इस्तेमाल कर रहे हैं — जिसमें पीड़ित को मानसिक दबाव में रखकर कुछ दिनों तक किसी से संपर्क नहीं करने दिया जाता और डर दिखाकर बड़ी रकम की ठगी की जाती है।


पुलिस की अपील: सावधान रहें, सतर्क रहें

  • कोई भी अधिकारी फोन पर बैंक जानकारी या पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहता।
  • किसी भी अनजान कॉल पर डरें नहीं, तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।
  • बुजुर्गों को जागरूक करें, क्योंकि वे ऐसे मामलों में जल्दी शिकार बन जाते हैं।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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