
जांजगीर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में एक झोलाछाप बंगाली डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने से गर्भवती महिला की मौत हो गई। मामले में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश सर्व विजय अग्रवाल की अदालत ने आरोपी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹5,000 जुर्माना की सजा सुनाई है।
चार माह की गर्भवती थी मृतका
मामला नवागढ़ थाना क्षेत्र के हीरागढ़ गांव का है। एक सितंबर 2024 को चार माह की गर्भवती रुक्मिणी कश्यप की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने बंगाली डॉक्टर ध्रुवांतो सिकदार (52 वर्ष) को घर बुलाया। डॉक्टर ने बिना किसी वैध प्रमाणपत्र के खुद से Deriphyllin इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद महिला की हालत और बिगड़ गई।
इलाज के दौरान हुई मौत
रुक्मिणी को तत्काल नवागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने धारा 105 भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया।
न्यायालय का फैसला
विवेचना पूर्ण होने के बाद आरोपी के खिलाफ अभियोग पत्र अदालत में पेश किया गया। सभी गवाहों के बयान के बाद अदालत ने आरोपी डॉक्टर को दोषी मानते हुए 7 साल कठोर कारावास और ₹5,000 के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त 3 माह की जेल भी भुगतनी होगी।
लोक अभियोजक की भूमिका
मामले की पैरवी लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने की। अदालत ने कहा कि आरोपी यह जानते हुए भी कि वह उपचार के लिए सक्षम नहीं था, लापरवाहीपूर्वक इंजेक्शन लगाकर महिला की जान जोखिम में डाली।
