सारंगढ़ न्यूज धमाका – सरकारी कार्यालयों में समयपालन और कर्तव्य के प्रति उदासीनता पर कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौज ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह 10 से 11 बजे के बीच कलेक्टोरेट और विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें 55 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी से गायब पाए गए।
इस पर तत्काल प्रभाव से सभी को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इन कार्यालयों में की गई जांच
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जिन कार्यालयों का दौरा किया, उनमें निम्न शामिल हैं:
- कलेक्टोरेट कार्यालय
- अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय
- तहसील कार्यालय
- लोक निर्माण विभाग (PWD)
- जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
- बीईओ, बीआरसी कार्यालय
- आदिवासी विकास शाखा
निरीक्षण के समय अपर कलेक्टर एस.के. टंडन और सीईओ इंद्रजीत बर्मन भी साथ मौजूद रहे।
नोटिस प्राप्त करने वाले प्रमुख कर्मचारी
नोटिस पाने वालों में प्रमुख नाम शामिल हैं:
रेशम लाल कोसले (BEO), शैलेन्द्र पटेल, सोमदत्त पटेल, ममता नंदे, कमल सिंह ठाकुर, विकास साहू, गीता नायक, सूरज महंत, अनुराग नंद, ज्योति पाल, संतोष देवांगन, पिंकी कंवर, अंजनी अरिल्ले, सोमेश्वर यादव, गिरीश पटेल, छवि श्याम धृतलहरे, विवेक सिदार, पंकज साहू, उमाकांत सिदार सहित कुल 55 अधिकारी-कर्मचारी।
जनपद पंचायत और विद्युत विभाग भी चपेट में
कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर अनिकेत साहू ने जनपद पंचायत सारंगढ़ का निरीक्षण किया, जहां लेखा अधिकारी मालिकराम लहरे और स्टेशन मास्टर आर.एल. चौहान अनुपस्थित पाए गए।
विद्युत विभाग में भी सहायक ग्रेड-3 ज्योति पटेल, रुस्तम बंजारे और मीन निराला के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर ने दी चेतावनी
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौज ने कहा:
“सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थिति और कार्य संस्कृति में अनुशासन अनिवार्य है। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है।”



