रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए रायपुर पुलिस ने मंगलवार को 30 बांग्लादेशी नागरिकों को देश से डिपोर्ट कर दिया।
ये सभी घुसपैठिये रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, मोहला-मानपुर और चिरमिरी जिलों से पकड़े गए थे। जांच में इनकी भारत में मौजूदगी अवैध पाई गई थी। प्रशासन ने इन्हें हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और अब इन्हें भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ (BSF) को सौंपने के लिए रवाना कर दिया गया है।
कैसे हुई कार्रवाई?
- राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त निगरानी में इन घुसपैठियों की पहचान की गई।
- सभी 30 व्यक्तियों को विदेशी नागरिक अधिनियम (Foreigners Act, 1946) के तहत हिरासत में लिया गया।
- कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू की गई।
- रायपुर पुलिस की विशेष टीम इन सभी को सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपने के लिए बांग्लादेश सीमा की ओर रवाना हो चुकी है।
क्यों उठाया गया यह कदम?
“राज्य की सुरक्षा और पहचान व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए यह ज़रूरी था कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए।” – पुलिस सूत्र
राज्य पुलिस का कहना है कि कई घुसपैठिये झूठे दस्तावेज़ बनाकर मजदूरी, घरेलू काम और असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे थे। कुछ के खिलाफ नकली पहचान पत्र रखने का भी संदेह है।
कानूनी पक्ष:
- गिरफ्तारियों की पुष्टि के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 420/468/471 (फर्जी दस्तावेज) और विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई।
- संबंधित दूतावासों और गृह मंत्रालय की अनुमति से डिपोर्टेशन ऑर्डर जारी किया गया।
क्या है आगे की रणनीति?
☑️ राज्य सरकार अन्य जिलों में भी घुसपैठियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाएगी।
☑️ मतदाता सूची, राशन कार्ड, आधार जैसी सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग की भी होगी जाँच।
☑️ स्थानीय निवासियों से भी अपील की गई है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें।
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज़ से अहम है, बल्कि यह देश में अवैध प्रवेश को लेकर ‘ज़ीरो टॉलरेंस नीति’ की झलक भी दिखाती है।
