
रायपुर न्यूज धमाका – शिक्षा विभाग द्वारा संचालित बुक स्कैनिंग कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में संकुल समन्वयक मनबोध नंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर के आदेश पर की गई।
निरीक्षण में सामने आई गंभीर लापरवाही
बुक स्कैनिंग कार्य की समीक्षा के लिए सहायक संचालक उषा किरण खलखो एवं सुरेखा थानथराट द्वारा संकुल केंद्र भूकेल का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि:
- पुस्तक वितरण में चार दिन की देरी हुई।
- 8 विद्यालयों में स्कैनिंग कार्य अब तक प्रारंभ ही नहीं हुआ था।
- 25 जून को आयोजित विभागीय ऑनलाइन बैठक में संकुल समन्वयक अनुपस्थित रहे।
कदाचार और अनुशासनहीनता का मामला
जांच में पाया गया कि पाठ्यपुस्तकों की डिलीवरी 21 जून को प्राप्त हो चुकी थी, फिर भी वितरण 25 जून को किया गया। यह देरी और विभागीय निर्देशों की अनदेखी छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 के प्रतिकूल पाई गई। इसे विभाग ने गंभीर कदाचार और अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना।
निलंबन आदेश
संभागीय संयुक्त संचालक राकेश कुमार पांडेय ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक के प्रतिवेदन के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत मनबोध नंद को निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता
निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही, उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मगरलोड (जिला धमतरी) नियत किया गया है।


