
भिलाई न्यूज धमाका – सुपेला थाना क्षेत्र में एक युवक पर जानलेवा हमले और वाहन में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने आरोपी प्रखर चंद्राकर को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तारी के साथ ही आरोपी के ऑनलाइन सट्टा रैकेट और म्यूल अकाउंट के माध्यम से धोखाधड़ी की गतिविधियों का भी भंडाफोड़ हुआ है।
बर्थडे पार्टी से लौटते समय हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 मई की रात सौरभ वर्मा और उसके साथी सिद्धार्थ, आयुष, और रोहित होटल अमित पार्क में जन्मदिन पार्टी के बाद लौट रहे थे। होटल के पीछे तीन युवकों ने आयुष पर अचानक बांस के डंडे से हमला कर दिया, जिससे उसे सिर और चेहरे में गंभीर चोट आई। आरोपियों में से एक ने खुद को प्रखर चंद्राकर बताया और हमले के बाद फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी को धरदबोचा
20 मई को आरोपी प्रखर चंद्राकर (उम्र 25) को घड़ी चौक, सुपेला के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने हमला करना स्वीकार किया, और जब उसके मोबाइल फोन की जांच की गई, तो ऑनलाइन सट्टा और म्यूल अकाउंट फ्रॉड का भी पर्दाफाश हो गया।
ऑनलाइन सट्टे का जाल
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रखर और उसका साथी पुलकीत चंद्राकर, LOTUS ऐप की ID 662 का संचालन कर रहे थे, जिसके माध्यम से वे क्रिकेट, लूडो, ताश और अन्य गेम्स में ऑनलाइन सट्टा खेलवाते थे। आरोपी दूसरे व्यक्तियों के नाम से बैंक खाता (म्यूल अकाउंट) खुलवाकर अवैध लेनदेन करते थे और खातों को किराए पर लेकर बड़ी रकम ट्रांसफर करते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि बीते 4-5 दिनों में करीब 60 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन गतिविधि दर्ज की गई है। सट्टे से कमाए पैसों से आरोपी ने दो महंगे मोबाइल, एक पल्सर बाइक और एक महिंद्रा थार (क्रमांक CG07 CQ 0015) खरीदी थी।
आदतन अपराधी
पुलिस के अनुसार, प्रखर चंद्राकर आदतन अपराधी है और भिलाई नगर थाना का सूचीबद्ध बदमाश है। उसके खिलाफ पूर्व में मारपीट, लूट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं:
- आपराधिक हमला और हत्या का प्रयास (धारा 296, 115(2), 351(2), 324(2), 109(1), 3(5) बीएनएस)।
- ऑनलाइन सट्टा और धोखाधड़ी (धारा 318(4), 61(2) बीएनएस, छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम)।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस कार्रवाई में सुपेला थाना प्रभारी निरीक्षक विजय यादव, उप निरीक्षक दीपक चौहान, आरक्षक सूर्या और दुर्गेश का विशेष योगदान रहा।
