
रायगढ़ न्यूज धमाका – चक्रधरनगर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। 20 वर्षों से फरार चल रहे हत्या के दोषी को उसके गृहग्राम हसौद से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह अपराधी पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार हो गया था और दो दशकों तक पुलिस को चकमा देता रहा।
क्या था मामला?
- वर्ष 2005 में चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चिटकाकानी में ईंट भट्टे में मजदूरी करने वाले संतोष कहार ने जमीन विवाद के चलते व्यवसायी सुरेश अग्रवाल की हत्या कर दी थी।
- अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
कैसे हुआ फरार?
- जेल में सजा काटते समय, संतोष ने पैरोल पर रिहाई के लिए आवेदन दिया, जो मंजूर हो गया।
- लेकिन पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद भी वह वापस जेल नहीं लौटा, और फरार हो गया।
- न्यायालय ने स्थायी वारंट जारी किया था।
20 साल की तलाश के बाद गिरफ्तारी:
- चक्रधरनगर थाना प्रभारी अमित शुक्ला ने हाल ही में लंबित स्थायी वारंटियों की तलाश शुरू की।
- सूचना मिली कि सक्ती जिले के हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम चिसदा में संतोष छिपा हुआ है।
- पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
क्या बताया आरोपी ने?
- पूछताछ में उसने बताया कि वह करीब 9 साल तक हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करता रहा।
- इसके बाद वह गांव लौट आया और चुपचाप रहने लगा।
- वह पहचान छुपाकर स्थानीय लोगों से मेलजोल कम रखता था।
प्रशासन की सक्रियता रंग लाई:
थाना प्रभारी अमित शुक्ला ने कहा – “ऐसे फरार अपराधियों की धरपकड़ प्राथमिकता में है। संतोष कहार जैसे अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाना कानून की जीत है।”



