
राजनांदगांव न्यूज धमाका – रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए रेलवे की ओवरहेड (OHE) अर्थिंग केबल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो चोरों और चोरी की केबल खरीदने वाले कबाड़ी को गिरफ्तार किया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि गिरोह के एक सदस्य ने केबल काटने की तकनीक यूट्यूब से सीखी थी।
घटना का विवरण:
30 अप्रैल 2025 को परमालकसा और मुढ़ीपार स्टेशन के बीच 35 मीटर रेलवे के ओएचई केबल चोरी होने की सूचना नागपुर स्थित कंट्रोल रूम से मिली थी। इस सूचना पर RPF राजनांदगांव में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपचंद आर्या के निर्देश पर निरीक्षक तरुणा साहू की अगुवाई में विशेष जांच टीम गठित की गई।
टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें दो संदिग्ध बैग लेकर जाते दिखाई दिए। इन्हें पहचानने के बाद रसमड़ा स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजकुमार विश्वकर्मा (60 वर्ष) और मुकेश डहरिया (27 वर्ष) के रूप में हुई, जो बिलासपुर के निवासी हैं।
पेशेवर तरीके से की जाती थी चोरी:
पूछताछ में मुकेश डहरिया ने बताया कि वह पहले भी रेलवे के केबल चोरी कर चुका है। कटे हुए केबल के भीतर से निकाला गया कॉपर वह राजनांदगांव के कबाड़ी व्यापारी विवेक वर्मा को बेचता था। पुलिस ने व्यापारी के ठिकाने पर छापेमारी कर 10 किलो कॉपर वायर जब्त किया, जिसकी कीमत करीब ₹25,285 बताई जा रही है।
अब तक की जांच में सामने आया है कि गिरोह ने कुल 91 मीटर वायर की चोरी की है। आरोपी बिलासपुर से ट्रेन पकड़कर छोटे स्टेशनों पर उतरते थे, और सुनसान इलाकों में चोरी को अंजाम देते थे।
आपराधिक पृष्ठभूमि:
- मुकेश डहरिया: हत्या और चोरी के मामलों में आरोपी
- राजकुमार विश्वकर्मा: बिजली चोरी सहित कई अपराधों में लिप्त
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को रेलवे अदालत रायपुर में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
सुरक्षा बल की सराहनीय कार्रवाई:
इस कार्रवाई में RPF की विशेष टीम ने अहम भूमिका निभाई, जिनमें प्रमुख नाम हैं:
निरीक्षक: तरुणा साहू
उप निरीक्षक: के. प्रसाद भारती
सहायक उप निरीक्षक: डी.बी. मेश्राम, मीनू कुमार, डी.एल. दावना
प्रधान आरक्षक: एस.के. मिश्रा, एन.जी. गोस्वामी
आरक्षक: प्रमोद यादव, मनीष पटेल
महिला आरक्षक: तिजेश्वरी
अन्य: राजेंद्र रायकवाड़, आर.के. दुबे, एस.एस. भोयर


