
दुर्ग,न्यूज़ धमाका :- महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सोमवार को जिले के अधिकारी, कर्मचारियों एवं पेंशनरों ने रैली निकाली। आंदोलनकारियों ने राज्य के समस्त कर्मचारियों को 14 फीसद लंबित महंगाई भत्ता तथा सांतवे वेतनमान के आधार पर गृह भाड़ा भत्ता देने की दो सूत्रीय मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम पर ज्ञापन सौंपा।
महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला एवं कमलेश सिंह राजपूत ने बताया कि पूरे देश मे सबसे कम डीए 17 फीसद छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को मिल रहा है। जबकि केंद्रीय कर्मचारियों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखण्ड, उत्तरांचल, यूपी, बिहार, उड़ीसा, पंजाब, महाराष्ट्र सहित अधिकांश राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को 31 फीसद डीए मिल रहा है ।
इसी प्रकार वर्ष- 2010 से गृह भाड़ा भत्ता छठवें वेतनमान की दर पर दिया जा रहा है जबकि प्रदेश में एक जनवरी 2016 से सांतवा वेतनमान लागू हो चुका है। प्रदेश के कर्मचारियों को न्यूनतम चार हजार से लेकर अठारह हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक क्षति हो रही है। उक्त मांगों को लेकर सोमवार को पूरे प्रदेश के सभी जिला एवं तहसील मुख्यालयों में मोर्चा से संबंद्घ 27 संगठनों के प्रतिनिधि सम्मिलित होकर ज्ञापन सौपे हैं।
डीईओ कार्यालय के सामने एकत्रित हुए अधिकारी-कर्मचारी
दुर्ग जिला के कर्मचारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने सैकड़ो की तादात में एकात्रित हुए। यहां सभा का आयोजन भी किया गया। सभा को अनिल शुक्ला, कमलेश सिंह राजपूत, राकेश तिवारी,शत्रुघन साहू, संजीव मानिकपुरी, मोहिसिन अली, केएस जायसवाल, मंजू गुप्ता, आरसी यादव ने संबोधित किया।
सभा के बाद अधिकारी, कर्मचारियों ने रैली निकाली। रैली कलेक्टोरेट तक पहुंची जहां मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम पर ज्ञापन सौंपा गया।



