
इस बार देव दीपावली पर नईदुनिया और जाॅय सीनियर सेकंडरी स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में 19 नवंबर को ‘एक दीया शहीदों के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। शहीदों की स्मृति में होने वाले इस आयोजन में पूरा शहर उन जाने-अनजाने शहीदों को दीपांजलि अर्पित करेगा जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया। इस आयोजन में शामिल होने के लिए नईदुनिया और जॉय सीनियर सेकंडरी स्कूल ने पूरे शहर का आह्वान किया है।
कार्यक्रम की तैयारियों जोरों पर हैं। सेना, पुलिस, होमगार्ड, नेशनल कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना के साथ कॉलेजों और स्कूलों के छात्र-छात्राओं में इस कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर उत्साह है। यह आयोजन मणिपुर में शहीद हुए छत्तीसगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी और और देश की खातिर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों व उनके स्वजन को समर्पित है। यह कार्यक्रम उन सैनिकों को भी समर्पित है जो सीमा पर अडिग रहकर हमारे जान-माल और स्वाभिमान की रक्षा करते हैं। ये वही सैनिक हैं, जो देश को अपना परिवार मानते हैं और हर विपदा में चाहे बाढ़, महामारी, भूस्खलन, भूकंप या कोई अन्य आपदा, हर जगह तत्परता के साथ अपनी सेवाएं जाति-धर्म से ऊपर उठकर देते हैं। साथ ही समर्पित है उन सभी चिकित्सक,नर्स सफाईकर्मियों सहित अन्य कोरोना वारियर्स व फाइटर्स के नाम, जो अपने प्राणों की परवाह किए बगैर मानवता की सेवा में देवदूत की तरह साथ खड़े रहे। कोरोना संक्रमण के खतरे जैसी विकट परिस्थिति में अपनी सेवाएं देकर पीड़ित मानवता को राहत प्रदान करने के लिए समर्पित रहे। नईदुनिया और जॉय सीनियर सेकंडरी स्कूल के इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन में इन सभी के प्रति सम्मान प्रगट किया जाएगा ताकि उनका मनोबल बढ़े। इसलिए पूरे शहर का भी सामाजिक दायित्व है कि उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन : नईदुनिया और जॉय सीनियर सेकंडरी स्कूल के इस संयुक्त आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। बच्चों में इन गीतों की प्रस्तुति की तैयारी को लेकर उत्साह है।
एक दीया शहीदों के नाम कार्यक्रम सराहनीय आयोजन है। शहीदों की शहादत को हर देशवासी को याद रखना चाहिए। हम सभी को देश और समाज के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए। ऐसे आयोजन से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। हमारे भी देश और राज्य के प्रति कर्तव्य हैं, ऐसे आयोजन इन कर्तव्यों को निर्वाह करते हैं।
पिछले साल की तरह इस वर्ष भी हम पुन: एकत्रित होंगे, वर्दीधारी बल के साहस एवं द्ढ़ता को सलाम करने के लिए। इस अवसर पर हम दिवंगत कर्नल विप्लव त्रिपाठी और उनका परिवार के साथ शहीद हुए असम राइफल्स के चार अन्य जवानों को समर्पित करता हूं।
शहीद हमारे लिए सदैव पूज्यनीय हैं। उनके प्रति सम्मान प्रगट करना, हर सच्चे भारतीय का दायित्व है। युवा पीढ़ी को इनके बलिदान और सेवाभाव को समझने के लिए ऐसे आयोजन करना आवश्यक है। नईदुनिया की यह पहल बेहद सराहनीय है। हम सभी को इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।



