विदेश

चांद पर परमाणु विस्फोट करने वाला था अमेरिका:रिपोर्ट में खुलासा- सुरंग बनाने का प्लान था; भारी खर्च किया, फेल हो गया

अमेरिका न्यूज़ धमाका // चांद पर परमाणु विस्फोट करके सुरंग बनाना किसी साइंस-फिक्शन मूवी की कहानी लगती है, लेकिन कई सालों से अमेरिका हकीकत में इस पर रिसर्च कर रहा है। हाल ही में इस सीक्रेट मून मिशन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। वाइस मीडिया के हाथ लगी एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इस योजना पर भारी-भरकम खर्च भी किया, पर फिर भी यह प्लान फेल हो गया।

करीब 1,600 पन्नों के इन दस्तावेजों में एडवांस्ड एयरोस्पेस थ्रेट आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम (AATIP) और एडवांस्ड एयरोस्पेस वेपन्स सिस्टम ऐप्लिकेशन प्रोग्राम (AAWSAP) का जिक्र किया गया है। इन दोनों ही योजनाओं को अमेरिका की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) ने फंड किया था। रिपोर्ट में रिसर्च प्रपोजल, कॉन्ट्रैक्ट और मीटिंग नोट्स शामिल हैं।

UFO से जुड़ी टेक्नोलॉजी पर भी हुई थी रिसर्च

दस्तावेजों में कहा गया है कि अमेरिका में UFO से जुड़ी रहस्यमयी टेक्नोलॉजी पर भी रिसर्च की जा रही थी।

दस्तावेजों में कहा गया है कि अमेरिका में UFO से जुड़ी रहस्यमयी टेक्नोलॉजी पर भी रिसर्च की जा रही थी।

दस्तावेजों में कहा गया है कि अमेरिका में AATIP के तहत UFO से जुड़ी रहस्यमयी टेक्नोलॉजी पर रिसर्च भी की जा रही थी। AATIP साल 2007 से 2012 तक सक्रिय था। यह लोगों की नजर में तब आया, जब 2017 में प्रोग्राम के पूर्व डायरेक्टर ने पेंटागन से इस्तीफा दे दिया था। अब 5 साल बाद ये बात सामने आई है कि AATIP की रिसर्च केवल UFO तक सीमित न होकर दूसरी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर भी चल रही थी।

फिल्मों में दिखने वाली टेक्नोलॉजी पर हो रही थी रिसर्च

रिपोर्ट की मानें तो अमेरिका एंटी ग्रैविटी और टाइम ट्रैवलिंग मशीन पर रिसर्च कर रहा था।

रिपोर्ट की मानें तो अमेरिका एंटी ग्रैविटी और टाइम ट्रैवलिंग मशीन पर रिसर्च कर रहा था।

रिपोर्ट की मानें तो AAWSAP मिशन के तहत अमेरिका ऐसी टेक्नोलॉजी पर रिसर्च कर रहा था, जो हम सिर्फ फिल्मों में देखते हैं। इसमें चांद पर न्यूक्लियर एक्सप्लोजन करने, इनविजिबल होने के लिए कपड़ा बनाने, एंटी ग्रैविटी टेक्नोलॉजी और टाइम ट्रैवलिंग मशीन बनाने जैसे मिशन्स पर रिसर्च की जा रही थी। हालांकि, अब तक इनमें से कोई भी चीज सच में नहीं हो पाई है।

चांद में विस्फोट कर हल्के मेटल्स निकालने की योजना थी

अमेरिकी रिसर्चर्स का मानना है कि चांद के बीचों-बीच बेहद हल्के मेटल्स मिल सकते हैं।

अमेरिकी रिसर्चर्स का मानना है कि चांद के बीचों-बीच बेहद हल्के मेटल्स मिल सकते हैं।

वाइस मीडिया के अनुसार, चांद पर विस्फोट करके सुरंग बनाने की बात नेगेटिव मास प्रोपल्जन रिपोर्ट में की गई है। अमेरिकी रिसर्चर्स का मानना है कि चांद के बीचों-बीच बेहद हल्के मेटल्स मिल सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये स्टील से एक लाख गुना ज्यादा हल्के हो सकते हैं, लेकिन इनकी ताकत स्टील जितनी ही होगी। रिपोर्ट में इस मून मिशन के लिए उस समय करीब 22 मिलियन डॉलर फंड किए जाने की बात की गई है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!