
अंबिकापुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में दिल दहला देने वाली एक हत्या के मामले में दामाद धनसाय कोरवा को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसने अपने ससुर दशरू उर्फ केरे कोरवा को शराब के लिए पैसे न देने पर जिंदा जलाकर मार डाला था।
घटना की पृष्ठभूमि
घटना 4 दिसंबर 2024 को लुण्ड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम दोरना लोहारपारा में घटी थी। आरोपी धनसाय कोरवा ने अपने ससुर के कुछ कपड़े लपेटकर माचिस से आग लगा दी, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए।
मृतक दशरू ने मृत्यु पूर्व कथन (Dying Declaration) में बताया कि उसके दामाद ने ही उसे जलाया था। अदालत ने इस कथन को मजबूत साक्ष्य मानते हुए दोषी करार दिया।
न्यायिक निर्णय
मामले की सुनवाई कर रहे चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार दुबे ने अभियुक्त को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही ₹500 का जुर्माना भी लगाया गया।
“आरोपी ने न केवल मानवीयता का उल्लंघन किया, बल्कि पारिवारिक विश्वास को भी रौंदा। ऐसे अपराधियों को सख्त सजा मिलनी ही चाहिए।” – न्यायाधीश मनीष दुबे (निर्णय में)
मुकदमे के प्रमुख बिंदु:
- आरोपी ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वह घटना के समय ससुर के साथ नहीं था।
- लेकिन बचाव पक्ष की ओर से कोई ठोस साक्ष्य या गवाह पेश नहीं किए गए।
- मृत्यु कालिक बयान को अदालत ने पूरी तरह से विश्वसनीय और निर्णायक माना।
संदर्भ – भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023
धारा 103(1) हत्या से संबंधित प्रावधान है, जो पूर्व भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 का स्थान ले चुकी है। इसके अंतर्गत आजीवन कारावास और आर्थिक दंड का प्रावधान है।
निष्कर्ष
यह मामला घरेलू हिंसा, नशे की लत और पारिवारिक संबंधों में टूटन की भयावह तस्वीर पेश करता है। कोर्ट का यह फैसला ऐसे अपराधों के प्रति कड़ा संदेश देता है कि समाज में नशे और हिंसा की कोई जगह नहीं है।



