
गरियाबंद न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के फिंगेश्वर नगर में बिजली विभाग की घोर लापरवाही एक गंभीर हादसे की वजह बन गई। ट्रांसफार्मर पर डीओ (ड्रॉपआउट फ्यूज) चढ़ाने के दौरान अचानक 33 केवी की लाइन में सप्लाई चालू हो जाने से ठेका श्रमिक वेद राम साहू बुरी तरह झुलस गया। हादसा इतना भीषण था कि करंट लगते ही युवक के दोनों पैरों से चिंगारी और धुआं निकलने लगा। उसे फौरन फिंगेश्वर अस्पताल ले जाया गया, जहां से रायपुर के कालड़ा बर्न हॉस्पिटल रेफर किया गया। घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है।
बिना परमिट चल रहा था काम, न ट्रेनिंग न सुरक्षा
घटना की गंभीरता इस बात से और बढ़ जाती है कि न तो पीड़ित ठेका कर्मी विभाग का नियमित कर्मचारी था, न ही उसे कोई विधिवत प्रशिक्षण दिया गया था। ट्रांसफार्मर पर काम के दौरान न कोई सुरक्षा उपकरण मुहैया कराया गया, न ही सप्लाई कटऑफ का विधिवत परमिट जारी किया गया।
ऑपरेटर ने कबूली लापरवाही
मौके पर मौजूद ऑपरेटर नवीन मगर ने स्वीकार किया कि उसने फीडर बंद करने के लिए कोई लिखित आदेश कनिष्ठ यंत्री से नहीं लिया था। फीडर लाइन महासमुंद और फिंगेश्वर दोनों से जुड़ी थी, और इसी दौरान महासमुंद फीडर से सप्लाई चालू हो गई जिससे यह हादसा हुआ।
‘मुझे कुछ पता नहीं था’ – कनिष्ठ यंत्री
कनिष्ठ यंत्री ओमेश चंद्राकर ने हादसे से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें शटडाउन की कोई जानकारी नहीं दी गई थी और न ही उनसे कोई अनुमति ली गई। यह बयान विभागीय समन्वय और सुरक्षा प्रोटोकॉल की पूरी तरह से पोल खोलता है।
ठेकेदार-ऑपरेटर दोषी, लाइनमैन पर भी कार्रवाई
राजिम के सहायक अभियंता सिवेंद्र साहू ने बताया कि बिना लिखित अनुमति के फीडर शटडाउन करना पूरी तरह नियमों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ठेका कर्मी और ऑपरेटर दोनों इस हादसे के लिए जिम्मेदार हैं। वहीं, घटना के समय ड्यूटी से अनुपस्थित रहे लाइनमैन रविशंकर बंसोड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
विभागीय जांच शुरू, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
फिंगेश्वर विद्युत वितरण केंद्र में लापरवाही की इस चौंकाने वाली घटना ने बिजली विभाग के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग ने मामले की जांच बैठा दी है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
