
गरियाबंद न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित गजपल्ला वॉटरफॉल में रायपुर की 22 वर्षीय युवती महविश खान की डूबने से मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने 22 घंटे की लंबी और कठिन तलाश के बाद आखिरकार महविश का शव बरामद कर लिया है। यह इलाका अत्यंत दुर्गम और खतरनाक माना जाता है, जहां पर्यटकों का जाना प्रतिबंधित है — फिर भी यहां अवैध रूप से लोग पहुंच रहे हैं।
घटनाक्रम का ब्यौरा
महविश अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गजपल्ला वॉटरफॉल पहुंची थी, जहां रविवार दोपहर नहाने के दौरान वह रहस्यमय ढंग से डूब गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद SDRF, पुलिस, और वन विभाग की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आईं चुनौतियाँ
गजपल्ला वॉटरफॉल की भौगोलिक स्थिति ही रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा बनी। यहां तक पहुंचने के लिए 80 फीट ऊंचे पहाड़ पर चढ़ाई और फिर खड़ी ढलान से नीचे उतरना पड़ता है। वॉटरफॉल के भीतर 30 से 40 फीट गहरे दो बड़े सुरंग (अंडरवॉटर केव) मिले, जहां SDRF के अंडरवॉटर कैमरे भी सिर्फ 10 फीट गहराई तक जाकर बंद हो जा रहे थे।
गोताखोरों को गहराई में उतरने में दिक्कत हो रही थी क्योंकि पानी का बहाव तेज था और नीचे चट्टानी संरचना बहुत ही जटिल थी। इसके अलावा, क्षेत्र में मधुमक्खियों का खतरा भी लगातार बना हुआ था, जिसने टीम की सुरक्षा पर और चिंता बढ़ा दी।
परिवार का बुरा हाल
महविश की मौत की खबर से उसका परिवार पूरी तरह टूट चुका है। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पूरे रायपुर में इस दर्दनाक हादसे की खबर से शोक की लहर दौड़ गई है।
वॉटरफॉल को लेकर सुरक्षा सवाल
गजपल्ला वॉटरफॉल को पहले से ही ‘खतरनाक स्थल’ घोषित कर पर्यटकों के लिए प्रतिबंधित किया गया था। लेकिन कोई प्रभावी निगरानी या सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण पर्यटक पीछे के रास्तों से यहां पहुंच जाते हैं। इस हादसे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की चुप्पी
अब तक इस घटना पर जिला प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत बयान नहीं आया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि वॉटरफॉल क्षेत्र को पूरी तरह सील किया जाए और वहां सुरक्षा बलों की नियमित तैनाती की जाए।
यह सवाल बाकी हैं
- प्रतिबंधित क्षेत्र में पर्यटक कैसे पहुंचे?
- क्या स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर पहले कोई कदम उठाया था?
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस कार्ययोजना है?


