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दिव्यांगों के साथ पुलिसिया बर्बरता: विधानसभा घेराव के दौरान मारपीट, मोबाइल छीने, महिलाओं से बदसलूकी

रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई, जब अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करने निकले दिव्यांगजनों के साथ पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया। प्रदर्शन कर रहे दिव्यांगों को पुलिस ने बेरहमी से घसीटा, पीटा और उनके मोबाइल फोन तक छीन लिए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा था। लेकिन जैसे ही दिव्यांग विधानसभा की ओर बढ़ने लगे, पुलिस बल ने उन्हें रोकते हुए बलपूर्वक हटाना शुरू कर दिया। कई दिव्यांगों को घसीटा गया, लाठी से पीटा गया और मोबाइल से वीडियो बना रहे प्रदर्शनकारियों से उनके फोन छीन लिए गए।

सबसे शर्मनाक बात यह रही कि महिला दिव्यांगों और उनके परिजनों के साथ भी बदसलूकी की गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके कपड़े फाड़ दिए और भद्दी गालियाँ दीं। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को थाने ले जाने की बात करते भी कैमरे में कैद हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों की मांगें क्या थीं?
दिव्यांगजन लंबे समय से विभिन्न सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता, पेंशन बढ़ोतरी, रोजगार के अवसर, और सुलभ सरकारी सेवाओं की मांग कर रहे हैं। लेकिन बार-बार अनसुनी की जा रही मांगों के बाद उन्होंने विधानसभा घेराव का फैसला लिया।

आक्रोश और निंदा
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और तत्काल जांच की मांग की है। कई संगठनों ने कहा है कि यह न केवल संवैधानिक अधिकारों का हनन है, बल्कि एक असंवेदनशील शासन की तस्वीर पेश करता है।

प्रशासन की चुप्पी
घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शन “अनुमति के बिना” किया गया था और “भीड़ को नियंत्रित करने” के लिए कार्रवाई की गई।


क्या बोले मानवाधिकार विशेषज्ञ?
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अनुज श्रीवास्तव ने कहा, “दिव्यांगजनों के साथ ऐसा व्यवहार एक सभ्य समाज में अस्वीकार्य है। यदि वे अपनी बात कहने के लिए सड़क पर उतरते हैं तो उनके साथ सम्मान और सहयोग का व्यवहार होना चाहिए, न कि लाठियाँ और गालियाँ।”


क्या आगे होगी कार्रवाई?
अब देखना यह होगा कि क्या राज्य सरकार इस घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी, या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में दब जाएगा।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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