
बलरामपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक प्रशासनिक कर्मचारी को राज्य के मंत्री रामविचार नेताम और विधायक उधेश्वरी पैकरा को अपशब्द कहने की भारी कीमत चुकानी पड़ी। राजपुर जनपद कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-03 संतोष मिश्रा का एक आपत्तिजनक ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है मामला?
भाजपा कार्यकर्ताओं के अनुसार, राजपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष जगवशी यादव और अन्य नेताओं को एक वाट्सएप ऑडियो मैसेज मिला, जिसमें संतोष मिश्रा द्वारा मंत्री और विधायक के खिलाफ जातिगत अश्लील गाली-गलौच करते हुए बयान दिए गए थे। यह ऑडियो कई वाट्सएप ग्रुपों में वायरल हो गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी
भाजपा नेताओं ने राजपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संतोष मिश्रा के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया, जिसमें शामिल हैं:
- अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(द), 3(1)(घ), 3(2)(va)
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 352, 356(2)
इन धाराओं के तहत संतोष मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
कौन-कौन थे शिकायतकर्ता?
शिकायत दर्ज कराने वालों में भाजपा कार्यकर्ता संजय सिंह, शिवनाथ जायसवाल, प्रवीण अग्रवाल, विनय भगत, मुकेश कश्यप, जितेन्द्र जायसवाल, विवेक जायसवाल और दीपक मित्तल शामिल थे। सभी ने मिलकर संतोष मिश्रा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
यह मामला प्रशासनिक कर्मचारियों की जवाबदेही और सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता को लेकर नई बहस छेड़ सकता है। साथ ही यह दर्शाता है कि सरकारी पदों पर रहते हुए असंवैधानिक भाषा और जातिगत अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किस मकसद से और किन परिस्थितियों में किया गया।



