
दिल्ली न्यूज़ धमाका /// आज से संसद का शीतकालीन सत्र दोनों सदनों में शुरू हो गया है। सत्र के पहले संसद में जोरदार हंगामा देखने को मिला है। पीएम मोदी ने संसद की कार्यवाही से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि संसद का ये सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है।
देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, हिंदुस्तान में चारों दिशाओं में आजादी के अमृत महोत्सव निमित रचनात्मक, सकारात्मक, जनहित, राष्ट्रहित के लिए, सामान्य नागरिक अनेक कार्यक्रम कर रहे हैं। आजादी के दीवानों ने जो सपने देखे थे, उन सपनों को पूरा करने के लिए देश का सामान्य नागरिक भी कोई न कोई दायित्व निभाने का प्रयास कर रहा है।
विपक्षी सांसदों के नारेबाजी के बाद लोकसभा दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित।
पीएम मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी सहित कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बैठक की।
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर पार्टी के विरोध का नेतृत्व किया।
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और सांसद राहुल गांधी पहुंचे।
टीआरएस सांसद नामा नागेश्वर राव ने ‘खाद्यान्न खरीद पर राष्ट्रीय नीति’ पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए लिखा कि आज संसद में अन्नदाता के नाम का सूरज उगाना है।
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि संसद का ये सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, हिंदुस्तान में चारों दिशाओं में आजादी के अमृत महोत्सव निमित रचनात्मक, सकारात्मक, जनहित, राष्ट्रहित के लिए, सामान्य नागरिक अनेक कार्यक्रम कर रहे हैं। आजादी के दीवानों ने जो सपने देखे थे, उन सपनों को पूरा करने के लिए देश का सामान्य नागरिक भी कोई न कोई दायित्व निभाने का प्रयास कर रहा है।
ये अपने आप में भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभ संकेत है। संविधान दिवस पर भी नए संकल्प के साथ संविधान की spirit को चरितार्थ करने के लिए हर किसी के दायित्व के संबंध में पूरे देश ने एक संकल्प किया है। देश भी चाहेगा कि भारत की संसद ये सत्र और आने वाले सभी सत्र, आजादी के दीवानों की भावनाओं के अनुकूल देशहित में चर्चाएं करें।पिछले सत्र के बाद कोरोना की विकट परिस्थिति में भी देश ने कोरोना वैक्सीन की 100 करोड़ से अधिक डोज का आंकड़ा पार कर लिया है और 150 करोड़ की ओर अग्रसर है।
नए वेरिएंट की खबरें भी हमें और सतर्क करती है, और सजग करती हैं। हम चाहते हैं कि संसद में सरकार की नीतियों के खिलाफ जितनी आवाज प्रखर होनी चाहिए हो, लेकिन संसद की गरिमा, स्पीकर की गरिमा के विषय में हम वो आचरण करें, जो आने वाले दिनों में देश की युवा पीढ़ी के काम आए। भविष्य में संसद को कैसा चलाया, कितना अच्छा योगदान दिया, कितना सकारात्मक काम हुआ, उस तराजू पर तोला जाए।
न कि मापदंड ये होना चाहिए कि किसने कितना जोर लगाकर सत्र को रोका। सरकार हर विषय पर खुली चर्चा के लिए तैयार है। हम ये भी चाहते हैं कि संसद में सवाल भी हों और शांति भी हो। देश के 80 करोड़ नागरिकों को इस कोरोना काल के संकट में और अधिक तकलीफ ना हो इसलिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से मुफ्त अनाज की योजना चल रही है। अब इस योजना को मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया है।
