छतीसगढ़कांकेर

कांकेर: औचक निरीक्षण में नशे में मिले हॉस्टल अधीक्षक, सांसद की शिकायत पर तत्काल निलंबित

कांकेर न्यूज धमाका – जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ बालक छात्रावास सुरुंगदोह के अधीक्षक को नशे की हालत में हॉस्टल में घूमते हुए पाया गया। औचक निरीक्षण के लिए पहुँचे कांकेर सांसद भोजराज नाग ने जब अधीक्षक को देखा, तो उन्होंने उच्च अधिकारियों को तत्काल इसकी सूचना दी।

इसके बाद प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पुष्टि होने पर हॉस्टल अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।


घटना का पूरा ब्यौरा

मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला दुर्गूकोंदल ब्लॉक अंतर्गत सुरुंगदोह बालक आश्रम का है, जहां ओकेश्वर चुरेंद्र प्रभारी छात्रावास अधीक्षक के रूप में पदस्थ हैं। सांसद भोजराज नाग 16 जुलाई को छात्रावास का बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण करने पहुँचे थे।

निरीक्षण के दौरान देखा गया कि अधीक्षक नशे की हालत में कपड़े उल्टे पहनकर घूम रहे थे। यह दृश्य देखकर सांसद ने कांकेर कलेक्टर निलेश क्षीरसागर को इसकी जानकारी दी।


जांच के बाद हुई त्वरित कार्रवाई

सूचना पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने मंडल संयोजक से जांच करवाई, जिनकी रिपोर्ट में अधीक्षक के दोषी पाए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, कांकेर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1, 2, 3) के उल्लंघन और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण (नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से अधीक्षक को निलंबित कर दिया।

निलंबन अवधि में ओकेश्वर चुरेंद्र का मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोयलीबेड़ा नियत किया गया है।


प्रशासन की सख्ती: जिलेभर में निरीक्षण के निर्देश

कांकेर कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि—

“सांसद के निरीक्षण में अधीक्षक के नशे में होने की पुष्टि के बाद तुरंत जांच कर कार्रवाई की गई है। अब जिले के सभी छात्रावासों में निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। ये अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण करेंगे, ताकि छात्रावासों की व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बना रहे।”


महत्वपूर्ण बिंदु:

  • घटना स्थल: सुरुंगदोह बालक आश्रम, दुर्गूकोंदल ब्लॉक, कांकेर
  • दोषी अधिकारी: प्रधान पाठक व प्रभारी अधीक्षक ओकेश्वर चुरेंद्र
  • निरीक्षण करने वाले: सांसद भोजराज नाग
  • कार्रवाई: निलंबन और मुख्यालय परिवर्तन
  • अगली कार्रवाई: विभागीय जांच और निरीक्षण की नियमित निगरानी

सार्वजनिक सेवा में अनुशासन की बड़ी मिसाल

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि छात्रावास जैसी संवेदनशील जिम्मेदारी में किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह उदाहरण भविष्य में अन्य कर्मचारियों के लिए चेतावनी और अनुशासन का संदेश देता है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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