बिलासपुर,न्यूज़ धमका :-बिलासपुर के कुदुदंड में रहने वाला छात्र ऋषभ शुक्ला यूक्रेन के कीव में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। उसने बताया कि उसने पहले ही टिकट बुक करा लिया था। युद्ध के हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास के एडवाजरी जारी करते ही उनके पैरेंट्स अलर्ट हो गए और फ्लाइट का टिकट करा लिया। वह 32 हजार रुपए में फ्लाइट की टिकट लिया था। लेकिन, अब स्थिति ज्यादा खराब हो गई है। स्टूडेंट्स को फ्लाइट की टिकट ही नहीं मिल रही है। जिन फ्लाइट्स की टिकट मिल रही है। वह काफी महंगी है। स्थिति यह है कि फ्लाइट की टिकट 50-60 हजार तक पहुंच गई है। ऐसे में स्टूडेंट के लिए टिकट का खर्चा उठाना मुश्किल हो रहा है।
अस्थाई रूप से यूक्रेन छोड़ने की सलाह
20 फरवरी को भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया है कि यूक्रेन में लगातार बढ़ रहे तनाव और अस्थिरता को देखते हुए जिनका यूक्रेन में रुकना जरूरी नहीं है, उन्हें और सभी भारतीय छात्रों को अस्थाई रूप से यूक्रेन छोड़ देना चाहिए। छात्रों को आपस में संपर्क बनाए रखने को कहा गया है।
पैरेंट्स बोले-राज्य सरकार मदद करे
जांजगीर में रहने वाले शिक्षक संतोष तंबोली ने बताया कि उनकी बेटी और भांजी मुस्कान तंबोली यूक्रेन के कीव में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। उनके बच्चे वापस आना चाहते हैं। लेकिन, उन्हें फ्लाइट नहीं मिल रहा है। फ्लाइट मिलने पर भी टिकट बहुत महंगी है। ऐसे में राज्य शासन को प्रदेश के बच्चों को वापस लाने के लिए प्रयास करना चाहिए। राज्य सरकार को मदद करना चाहिए।


