
नई दिल्ली न्यूज़ धमाका /// तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए सेना के हेलिकॉप्टर क्रैश में एकमात्र जीवित बचे वरुण सिंह को गुरुवार को बेंगलुरू के एयरफोर्स कमांड अस्पताल ले जाने के लिए सुलूर वायुसेना स्टेशन लाया गया. तमिलनाडु के कुन्नूर के पास बुधवार को वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और अन्य 11 लोगों यानि कुल 13 लोगों की मौत हो गई थी. दुर्घटना में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह अकेले जीवित व्यक्ति हैं, जबकि अन्य सभी की मौत हो चुकी है.80 फीसदी जल चुके वरुण सिंह की शारीरिक स्थिति पर डॉक्टर चुप्पी साधे हुए हैं.
कैप्टन वरुण सिंह को बेंगलुरु एयर कमांड अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए सुलूर वायुसेना स्टेशन पर एक विशेष विमान की व्यवस्था की गई है. बेंगलुरु अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि घायल अधिकारी के शाम तक अस्पताल पहुंचने की उम्मीद है.
बेंगलुरु में वायु सेना के कमांड अस्पताल में उच्च स्तरीय सुविधाएं हैं और गंभीर रोगियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर हैं. इस बीच, जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य अधिकारियों के पार्थिव शरीर को नई दिल्ली ले जाने के लिए सुलूर वायुसेना स्टेशन लाया गया, जहां भारी भीड़ जमा हो गई. इस दौरान कई स्थानीय महिलाएं भावुक नजर आईं और उन्हें ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ के नारे लगाते देखा गया.
सीडीएस और अन्य कर्मियों को अंतिम सम्मान देने के लिए सुलूर वायुसेना स्टेशन पहुंचे ऊटी के एक सेवानिवृत्त वायु सेना के जवान सुरुलीनाथन ने बताया कि “इसे भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में एक काला दिन माना जा सकता है. एक सेवानिवृत्त वायु सेना कर्मी के तौर पर मुझे पता है कि वायु सेना का पायलट जिसने हेलिकॉप्टर की कमान संभाली हुई थी, वह एक बहुत ही अनुभवी पायलट था और जांच में बाहरी हमले की थ्योरी सहित सभी कोणों को शामिल किया जाना चाहिए. हमें किसी भी चीज से इनकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए.”




