छतीसगढ़कांकेर

पिता-पुत्र की जान लेने वाला भालू मारा गया : डोंगरकट्टा गांव के पास मिला शव, मौत की वजह तलाशने में जुटा वन विभाग

Bear dead body

कांकेर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पिता- पुत्र की जान लेने वाले भालू का शव मिला है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं भालू की मौत कैसे हुई इसके कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। बीते 18 जनवरी को भालू ने पिता- पुत्र पर हमला किया था। भालू के इस हमले में पिता- पुत्र की मौत हो गई थी। मामला कांकेर रेंज के डोंगरकट्टा गांव का है। 

भालू ने बीते 18 जनवरी को दो ग्रामीणों पर भालू ने हमला कर दिया था। जिससे पिता और बेटे ही मौत हो गई। वहीं एक युवक और वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। जिसके बाद घायल लोगों को अस्पताल भिजवाया गया। वन परिक्षेत्र कोरर के ग्राम डोंगरकट्टा  का मामला था। 

दो ग्रामीणों पर भालू ने किया था हमला 

डोंगरकट्टाप निवासी ग्रामीण सकुलाल दर्रो और 22 वर्षीय युवक अज्जू नरेटी पिता घिरामी नरेटी खेत की ओर गए थे। इसी बीच  भालू ने अचानक दोनो ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। जिसमें सुकलाल दर्रो की मौके पर मौत हो गई वहीं अज्जू नरेटी घायल हो गया। जिसे अस्पताल ईलाज के लिए भिजवाया गया। वहीं घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग, पुलिस और गांव वाले घटनास्थल पर पहुँचे थे। 

वनकर्मी पर भी किया हमला 

इसी समय भालू अचानक जंगल से निकलकर मृतक के पिता शंकर दर्रो और वन विभाग के कर्मचारी  वनपाल नारायण यादव पर भी हमला बोल दिया। जिसमें शंकर दर्रो की मौत हो गई। जबकि वनपाल के हाथ में चोट आई थी। वहीं हमले में गंभीर रूप से घायलों को इलाज के लिए रायपुर भेजा गया था। घटना के बाद शव को लेने के लिए रायपुर से रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद वनमंडलाधिकारी आलोक बाजपेयी भी घटनास्थल पहुंचे। पहाड़ से शव को लाने के लिए रायपुर से पहुँची रेस्क्यू टीम की मदद ली गई थी। 

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!