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बिलासपुर फैमिली कोर्ट में वकील और फरियादी के बीच मारपीट, फीस लेकर केस न लड़ने का आरोप

बिलासपुर न्यूज धमाका – फैमिली कोर्ट परिसर, जिसे न्याय का मंदिर माना जाता है, शुक्रवार को उस समय विवादों में आ गया जब एक महिला वकील और महिला फरियादी के बीच जमकर मारपीट हो गई। यह मामला फीस लेकर केस न लड़ने के आरोप से शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे हाथापाई तक जा पहुंचा।


क्या है पूरा मामला?

  • महिला फरियादी अपने परिजनों के साथ कोर्ट पहुंची थी।
  • वहां पहले से मौजूद महिला वकील से तीखी बहस शुरू हो गई।
  • बहस का कारण: वकील द्वारा फीस लेने के बावजूद पेशी के समय केस न लड़ने का आरोप।

फरियादी का आरोप है कि:

“हमने वकील को केस के लिए पूरी फीस दी थी, लेकिन कोर्ट में पेशी के दौरान उन्होंने केस से किनारा कर लिया। इससे हम मानसिक रूप से परेशान हैं।”


कैसे बढ़ा विवाद?

  • बहस इतनी तेज हो गई कि धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति बन गई।
  • फैमिली कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
  • मौजूद अन्य वकीलों और सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

कानूनी शिकायतें और जांच की स्थिति

  • फरियादी और परिजन थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे हैं।
  • महिला वकील ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा:

“मुझे झूठे बहानों से बदनाम करने की साजिश की जा रही है।”

  • पुलिस ने CCTV फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
  • कोर्ट परिसर में मौजूद गवाहों के बयान भी लिए जा रहे हैं।

प्रभाव और सवाल

यह घटना न्याय व्यवस्था पर विश्वास को गहरा झटका देती है। कोर्ट जैसे पवित्र स्थान में इस तरह की घटना से कई प्रश्न उठते हैं:

  • क्या वकीलों और फरियादियों के बीच संवाद की कमी का यह नतीजा था?
  • क्या वकीलों की जवाबदेही तय करने के लिए कोई सख्त प्रणाली होनी चाहिए?
  • ऐसी घटनाओं से फरियादियों का न्याय तंत्र पर भरोसा कैसे कायम रखा जाए?

निष्कर्ष

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सच्चाई CCTV व गवाहों के बयानों के आधार पर सामने आएगी। यह घटना न्यायिक परिसर की मर्यादा और पारदर्शिता को बनाए रखने की नवीन चुनौती के रूप में देखी जा रही है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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