
01 सितम्बर 2026 //
राजिम न्यूज़ धमाका – माधुरी साहू को महिला सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘नारी शक्ति सम्मान 2026’ मिला। 26 हजार महिला समूहों की रोजगार-आजीविका की आवाज बनीं।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए माधुरी साहू को ‘नारी शक्ति सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह में उन्हें महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर किए जा रहे कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
माधुरी साहू लंबे समय से बिहान एवं महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ मिलकर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिए काम कर रही हैं। उनके प्रयासों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।
महिला अधिकार और स्वास्थ्य जागरूकता पर भी काम
माधुरी साहू ने महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं पोषण अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने तथा किशोरी बालिकाओं में पोषण और एनीमिया की रोकथाम को लेकर भी उन्होंने लगातार प्रयास किए हैं। उनके कार्यों का फोकस ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य, पोषण, अधिकार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर रहा है।
26 हजार महिला समूहों की रोजगार की आवाज बनीं
महिला स्व-सहायता समूहों के रोजगार और आजीविका की पुनर्स्थापना के लिए माधुरी साहू द्वारा उठाई गई आवाज उनके सामाजिक नेतृत्व का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। रेडी टू ईट एवं पोषण आहार योजना से प्रभावित महिला स्व-सहायता समूहों के रोजगार के मुद्दे को उन्होंने केवल रोजगार का विषय नहीं माना, बल्कि इसे हजारों महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मान से जोड़कर शासन-प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया। उन्होंने प्रदेशभर की महिला स्व-सहायता समूहों को संगठित कर करीब 26 हजार महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के रोजगार एवं आजीविका की मांग को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
सामूहिक प्रयास से महिलाओं की आजीविका को मिली नई दिशा
निरंतर प्रयासों और सामूहिक नेतृत्व के परिणामस्वरूप महिला स्व-सहायता समूहों को दोबारा रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। इससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और आजीविका को मजबूती मिलने के साथ उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को भी सहारा मिला। माधुरी साहू का मानना है कि महिला सशक्तिकरण केवल जागरूकता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि महिलाओं को रोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का अधिकार भी मिलना चाहिए।
लाभार्थी नहीं, सशक्त भागीदार बनें महिलाएं- माधुरी साहू
माधुरी साहू के प्रयास ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं का महज लाभार्थी बनाने तक सीमित नहीं रहे हैं। उनका जोर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और अपनी बात मजबूती के साथ शासन-प्रशासन के सामने रखने में सक्षम बनाने पर रहा है। उनके इसी सामाजिक सरोकार और महिला सशक्तिकरण के प्रति निरंतर सक्रियता को देखते हुए उन्हें ‘नारी शक्ति सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। माधुरी साहू का कहना है कि जब एक महिला आर्थिक रूप से मजबूत और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है और यही परिवार आगे चलकर मजबूत समाज की नींव बनता है।
ये वरिष्ठ लोग रहे उपस्थित
समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री राजेश अग्रवाल, मंत्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, शालिनी राजपूत, मोना सेन, विधायक मोती लाल साहू, पुरन्दर मिश्रा सहित विभिन्न आयोगों, निगमों एवं मंडलों के अध्यक्ष एवं सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं हजारों महिलाओं की सहभागिता ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।



