
03 अगस्त 2026 //
जंतर-मंतर पर CJP छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को दिल्ली पुलिस ने राहत दे दी है। नोएडा पुलिस से ट्रांसफर होकर आई जीरो FIR पर अब दिल्ली पुलिस आगे कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। यह कदम लड़की के माफी मांगने और पीएम मोदी द्वारा सार्वजनिक रूप से उसे माफ करने के बयान के बाद उठाया गया है
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र आंदोलन के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को बड़ी राहत मिली है। नोएडा पुलिस की ओर से दर्ज की गई जीरो FIR जब जांच के लिए दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर की गई, तब दिल्ली पुलिस ने इस मामले को आगे न बढ़ाते हुए केस को बंद करने का फैसला लिया है।
यह राहत नाबालिग लड़की द्वारा सार्वजानिक रूप से माफी मांगने और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस पूरे विषय पर बड़प्पन दिखाते हुए बच्चों को माफ करने की बात कहे जाने के बाद दी गई है।
भटके हुए बच्चों को सजा नहीं, सही रास्ता दिखाना जरूरी: पीएम मोदी की अपील
जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में चल रहे CJP छात्र आंदोलन के दौरान एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अमर्यादित और अभद्र भाषा का प्रयोग करती दिखी थी। मामला तूल पकड़ने के बाद नोएडा में लड़की के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि वे “भटके हुए बच्चों” को दिल से माफ करते हैं। पीएम मोदी ने समाज से भी अपील करते हुए कहा कि बच्चों को अदालतों और पुलिस के चक्कर में डालने से स्थितियां नहीं बदलेंगी, बल्कि उन्हें सही मार्गदर्शन देकर सुधारने की आवश्यकता है। पीएम के इस उदार रुख के बाद दिल्ली पुलिस ने FIR पर आगे कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्णय लिया।
’मुझसे बहुत बड़ी भूल हुई, यह मेरी पहली और आखिरी गलती’: रोते हुए नाबालिग ने मांगी थी माफी
मामले के तूल पकड़ने और कानूनी शिकंजा कसने के बाद नाबालिग लड़की ने एक वीडियो जारी कर देश के सामने अपनी गलती स्वीकार की थी। वीडियो में उसने हाथ जोड़कर कहा था, “मैं सिर्फ 15 साल की हूँ। मैंने प्रदर्शन स्थल पर दूसरे लोगों के प्रभाव और बहकावे में आकर प्रधानमंत्री जी के खिलाफ गलत बातें कह दी थीं। जो मैंने किया, वह माफ करने योग्य नहीं है। यह मेरी पहली और आखिरी गलती है और मैं इसके लिए पूरे देश से हाथ जोड़कर माफी मांगती हूँ।”
लड़की के इस पश्चाताप और माफी के वीडियो के बाद ही मामले में नया मोड़ आया और प्रधानमंत्री कार्यालय व दिल्ली पुलिस प्रशासन ने इसमें राहत देने का रुख अपनाया।
’पीएम मोदी ने मेरी बेटी को दिया जीवनदान’: नाबालिग की मां ने जताई कृतज्ञता
कानूनी झंझट से राहत मिलने के बाद नाबालिग लड़की की मां ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया था। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पीएम मोदी ने उनकी बेटी को एक तरह से “जीवनदान” दिया है, जिसके लिए उनका पूरा परिवार प्रधानमंत्री का सदैव आभारी रहेगा।
इसके साथ ही, नाबालिग की मां ने सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग भी की। उन्होंने अपील की कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के उपयोग पर कड़ा प्रतिबंध या रोक लगानी चाहिए। उनका कहना था कि कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया और बाहरी माहौल के बहकावे में आकर अपनी मर्यादा भूल जाते हैं और उनका गलत इस्तेमाल कर लिया जाता है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस के इस कदम से इस पूरे विवाद का पटाक्षेप हो गया है।



