
जसपुर न्यूज़ धमाका – जशपुर के चंदागढ़ गांव में सुशासन तिहार दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अचानक किराना दुकान पहुंचने पर ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा की प्रेरक कहानी सामने आई।
छत्तीसगढ़ में चल रहा ‘सुशासन तिहार 2026’ जनभागीदारी और संवेदनशील शासन का उदाहरण बनते हुए गांव-गांव तक प्रशासन को पहुंचा रहा है। इसी अभियान के तहत जशपुर जिले के वनांचल ग्राम चंदागढ़ में एक भावुक और प्रेरक घटना देखने को मिली, जब विष्णुदेव साय स्वयं एक महिला उद्यमी की छोटी सी दुकान पर पहुंचे और उनके परिश्रम की सराहना की।
मुख्यमंत्री का अचानक पहुंचना और भावुक स्वागत जब मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर चंदागढ़ पहुंचा, तो वे सीधे हेलीपैड से सुमिला कोरवा की छोटी किराना दुकान पर पहुंचे। अचानक मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला भावुक हो उठीं और परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया। गांव वालों के लिए यह दृश्य अविस्मरणीय बन गया।
सुमिला कोरवा की आत्मनिर्भरता की कहानी
मुख्यमंत्री ने सुमिला से बातचीत कर उनकी जीवन-यात्रा के बारे में विस्तार से जाना। सुमिला ने बताया कि उन्होंने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपए का ऋण लेकर अपनी दुकान शुरू की थी। आज उनकी दुकान में किराना सामान के साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज की सुविधा उपलब्ध है, जिससे गांववासियों को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं आसानी से मिल जाती हैं। सुमिला की बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाई स्कूल में प्रथम आई है, गर्मी की छुट्टियों में दुकान संभालने में उनकी मदद कर रही है।
मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं भुगतान और प्रेरक संदेश
मुख्यमंत्री साय ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा और खुद अपने पर्स से पैसे निकालकर भुगतान किया। जब सुमिला ने पैसे लेने से इंकार किया, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि ‘यह आपके मेहनत का हक है, इसे जरूर स्वीकार कीजिए।’ उन्होंने सुमिला की मेहनत, ईमानदारी और वनांचल में उद्यमिता की मिसाल बनने की खुलकर प्रशंसा की।
घर, खेती और व्यापार तीनों की जिम्मेदारी निभातीं सुमिला
सुमिला ने बताया कि उनके परिवार के पास ट्रैक्टर और चारपहिया वाहन भी है, जिसे गांव वाले खेती और शादी-ब्याह में किराए पर लेते हैं। वे दुकान के साथ-साथ घर और खेती की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही हैं, जिससे परिवार की आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री का प्रेरक वचन और सुशासन तिहार का सार
मुख्यमंत्री साय ने सुमिला को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि, ‘आपने अपनी मेहनत से ‘लखपति दीदी’ का मुकाम हासिल किया है, आने वाले समय में आप ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी।’ उनका यह मानवीय और सहज व्यवहार सुशासन तिहार के वास्तविक मर्म को उजागर करता है जनता के बीच जाकर भरोसेमंद, संवेदनशील और त्वरित समाधान आधारित शासन की स्थापना।



