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MP से लाई गई शराब पर टैक्स तय: हाई कोर्ट ने 25 साल पुराने केस में सुनाया ऐतिहासिक फैसला

बिलासपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मध्यप्रदेश से आयातित विदेशी शराब पर आयात शुल्क वसूलने को वैध ठहराते हुए 25 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश अब एक अलग राज्य इकाई है, इसलिए वहां से लाया गया माल अंतरराज्यीय व्यापार की श्रेणी में आता है और इस पर आबकारी विभाग द्वारा शुल्क वसूली गलत नहीं है।

2001 में दाखिल हुई थी याचिका

बिलासपुर के गोल्डी वाइन प्राइवेट लिमिटेड और कारोबारी सतविंदर सिंह भाटिया ने वर्ष 2001 में आबकारी विभाग के नोटिस को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी। विभाग ने 1 अप्रैल 2000 से 31 मार्च 2001 के बीच मंगाई गई शराब पर आयात शुल्क की मांग की थी।

याचिकाकर्ताओं के तर्क

  • उन्हें उस समय एनओसी के आधार पर शराब परिवहन की अनुमति मिली थी।
  • मामला राज्य पुनर्गठन से पहले का है, जब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ एक ही राज्य थे।
  • पिछली तारीख से शुल्क वसूली से भारी आर्थिक नुकसान होने की बात कही गई।

कोर्ट का फैसला

जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने दोनों याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा:

“मध्यप्रदेश अब एक स्वतंत्र इकाई है और वहां से लाया गया माल आयात की श्रेणी में आता है। ऐसे में आयात शुल्क की मांग कानूनी रूप से उचित है।”


फैसले के मुख्य बिंदु:

  • हाई कोर्ट ने 2001 में दाखिल याचिकाएं खारिज कीं
  • MP से लाई शराब पर टैक्स लगाना उचित ठहराया गया
  • अंतरराज्यीय व्यापार की श्रेणी में आने से आबकारी शुल्क वसूलना जायज
  • एनओसी या राज्य पुनर्गठन से पहले की स्थिति राहत का आधार नहीं

यह फैसला छत्तीसगढ़ के शराब व्यापार से जुड़े मामलों के लिए दिशानिर्देश की तरह काम करेगा, और इससे भविष्य में टैक्स वसूली से जुड़े विवादों पर स्पष्टता आएगी।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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