
बलरामपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में दो अलग-अलग घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बलरामपुर जिले के भनौरा गांव में एक अधेड़ व्यक्ति की जमीन विवाद के चलते हत्या, वहीं बिलासपुर जिले में एक मौलाना की गर्भवती पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है।
बलरामपुर: हाथ-पैर बांधकर करंट लगाकर हत्या, पहली पत्नी पर शक
बलरामपुर जिले के भनौरा गांव में एक अधेड़ व्यक्ति की निर्मम हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, मृतक की लाश उसकी पहली पत्नी के घर में मिली, जहां वह हाथ-पैर बंधी हालत में पड़ा था और शरीर पर करंट के गहरे निशान थे।
जमीन विवाद बना वजह
मृतक ने दूसरी शादी कर रखी थी, जिसके चलते उसकी पहली पत्नी के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद के चलते यह खौफनाक वारदात अंजाम दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
बिलासपुर: मौलाना की पत्नी की संदिग्ध मौत, पूरे परिवार के गायब होने से उठे सवाल
बिलासपुर जिले के तालापारा में रहने वाले मौलाना कारी बशीर की गर्भवती पत्नी की रहस्यमयी मौत और फिर उसका शव चुपचाप उत्तर प्रदेश ले जाकर दफनाने की खबर ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
माँ ने लगाई न्याय की गुहार
मृतका की माँ न्याय की गुहार लगाते हुए यूपी से बिलासपुर एसपी कार्यालय पहुंची और रोते-बिलखते पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग की। इसके बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने यूपी के बलरामपुर एसपी से रिपोर्ट मंगाने के निर्देश दिए हैं।
मोहल्लेवालों ने लगाए गंभीर आरोप
मोहल्ले के लोगों ने मौलाना पर पत्नी की हत्या और शव को छिपाकर दफनाने का आरोप लगाया है। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, मौलाना ने एक महिला मदरसा संचालिका को घर की छत पर ले जाया, जिसका विरोध उसकी पत्नी ने किया। इसके बाद मौलाना और उसके भाइयों ने गर्भवती महिला के साथ जमकर मारपीट की।
रात में मौलाना उसे ऑटो से अस्पताल ले गया, फिर वह, उसकी पत्नी, बच्चे और पूरा परिवार अचानक गायब हो गया। मोहल्लेवालों द्वारा 17 जुलाई को सिविल लाइन थाने में शिकायत की गई, लेकिन पुलिस की लापरवाही के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
पुलिस अब हरकत में
हरिभूमि डॉट कॉम की खबर के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। सीएसपी सिविल लाइन को मामले की हर पहलू से गंभीर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
निष्कर्ष: क्या कानून सख्त होगा?
इन दोनों मामलों ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक ओर पारिवारिक विवाद के चलते एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या, तो दूसरी ओर घरेलू हिंसा और संभावित हत्या की अनदेखी। अब देखना यह होगा कि पुलिस इन मामलों में कब तक और कितनी सख्ती से न्याय दिला पाती है।



