
कोरबा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के धनवार गांव में एक रहस्यमयी हादसे ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। एक ही परिवार के तीन सदस्य—माता, पिता और पुत्र—अचानक लापता हो गए, और आशंका जताई जा रही है कि ये सभी घर के पीछे धंसे कुएं में समा गए हैं। पिछले 18 घंटे से एसडीआरएफ की टीम मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है।
धंसे कुएं के पास मिली चप्पलें, पूरे गांव में मचा हड़कंप
घटना कटघोरा थाना क्षेत्र के जटगा चौकी अंतर्गत धनवार गांव की है। लापता परिवार की पहचान छेदुराम श्रीवास (65 वर्ष) और उनके परिजनों के रूप में हुई है। बुधवार सुबह जब परिजनों ने उन्हें घर में न पाकर खोजबीन शुरू की, तो घर के पीछे स्थित कुएं के पास उनकी चप्पलें पड़ी मिलीं। कुआं पूरी तरह से धंसा हुआ था, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि तीनों लोग मलबे के नीचे दब गए हैं।
40 फीट गहरा था कच्चा कुआं, मनरेगा योजना के तहत हुआ था निर्माण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुएं का निर्माण करीब एक माह पहले मनरेगा योजना के तहत करवाया गया था। यह कच्चा कुआं लगभग 40 फीट गहरा था और घरेलू उपयोग के लिए उसमें एक टुल्लू पंप लगाया गया था। बताया जा रहा है कि पंप निकालने के प्रयास के दौरान देर रात यह हादसा हुआ, हालांकि घटना को किसी ने प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी SDRF टीम, रैंप बनाकर पहुंचने की कोशिश
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। पिछले 18 घंटे से मलबा हटाने और कुएं की गहराई तक पहुंचने के लिए रैंप बनाकर खुदाई की जा रही है। SDRF के अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, लेकिन अब तक लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है।
प्रशासन की चुप्पी, ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद से गांव में दहशत और बेचैनी का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर मनरेगा योजना के तहत अधूरी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। फिलहाल कोई अधिकारी इस मामले में आधिकारिक बयान देने से बच रहा है।
आगे क्या?
रेस्क्यू टीम का प्रयास जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस दर्दनाक घटना ने न केवल एक परिवार को संकट में डाला है, बल्कि ग्राम पंचायत और प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर किया है।



