
रायगढ़ न्यूज धमाका – रायगढ़ जिले में जंगली हाथी के आतंक ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की भयावह तस्वीर पेश की है। बीती रात हुए हमले में एक मासूम बच्चा, एक महिला और एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हाथी ने गांव में घुसकर घरों को नुकसान पहुंचाया और फसलों को भी रौंद डाला। इस त्रासदी के बाद इलाके में डर और मातम का माहौल है।
गांव में घुसा हाथी, एक के बाद एक तीन मौतें
घटना मंगलवार रात की है जब लैलूंगा ब्लॉक के गोसाईडीह गांव में एक हाथी अपने शावक (सावक) के साथ घुस आया। गांव के निवासियों ने बताया कि हाथी तीन वर्षीय सत्यम राउत को देखकर बौखला गया और उसे पटक-पटक कर मार डाला।
इसके बाद अंगेकेला गांव में हाथी ने एक महिला को खेत में ही कुचल दिया। शोरगुल सुनकर जब ग्रामीणों ने हाथी को भगाने की कोशिश की, तो हाथी और उग्र हो गया। उसने एक घर को धक्का देकर गिरा दिया। घर के अंदर सो रहा युवक मलबे में दब गया, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई।
फसल और घरों को भी भारी नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार, हाथी ने कई घरों की दीवारें गिरा दीं और खेतों में खड़ी फसलें भी रौंद दीं। इससे कृषि और आवास दोनों को भारी नुकसान हुआ है। कई परिवार रातभर घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
गांव में मातम और वन विभाग की मौजूदगी
तीन लोगों की मौत की पुष्टि के बाद गांव में मातम पसर गया है। पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है।
ग्रामीणों की मांग – हाथियों को रोका जाए
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। लगातार हाथियों का गांवों में घुसना अब आम बात बन चुकी है, लेकिन सरकार और वन विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों ने मांग की है कि:
- वन विभाग हाथी रोकथाम के लिए फेंसिंग या अलर्ट सिस्टम लागू करे
- मृतकों के परिवार को मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था दी जाए
- वन्यजीव हमलों की घटनाओं पर आपात प्रतिक्रिया बल (Emergency Response Team) तैनात की जाए
समाप्ति टिप्पणी
रायगढ़ जिले की यह घटना प्राकृतिक संसाधनों की कमी और जंगलों में मानव हस्तक्षेप की बड़ी कीमत चुकाने का उदाहरण बन गई है। हाथी और इंसान के बीच बढ़ते संघर्ष को अब टालना नहीं, बल्कि व्यवस्थित ढंग से समाधान देना होगा। वरना अगली त्रासदी किसी और गांव, किसी और घर की दहलीज़ पर दस्तक दे सकती है।
