
सुकमा न्यूज धमाका – बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने दिशा समिति की बैठक लेकर जिले में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनहित के कार्यों में तत्परता और आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
प्रधानमंत्री आवास योजना:
- हितग्राहियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण आवास दिलाने के निर्देश।
- निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने पर ज़ोर।
मनरेगा और श्रमिक कल्याण:
- जॉब कार्डधारियों की संख्या की समीक्षा।
- श्रमिकों का श्रम विभाग में पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश।
स्वच्छ भारत मिशन:
- ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा।
- पानी और स्वच्छता की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल।
कृषि और किसानों की सहायता:
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, बीज वितरण, कृषि योजनाओं पर अपडेट।
- किसानों को समय पर खाद-बीज देने के निर्देश।
स्वास्थ्य सेवाएं:
- आयुष्मान कार्ड पंजीयन, स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति।
- जलजनित रोगों की रोकथाम और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पूर्व तैयारी के निर्देश।
राशन वितरण:
- राशन दुकानों में पर्याप्त स्टॉक और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश।
शिक्षा विभाग:
- शाला प्रवेशोत्सव से पहले विद्यार्थियों के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण करने के निर्देश।
विद्युत विभाग:
- बारिश व तूफान में बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसकी पूर्व तैयारी करने को कहा।
विशेष परियोजनाएं जिन पर हुई चर्चा:
- पोलावरम बांध परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा
- नेल्लानार ग्रामों में योजनाओं की प्रगति
- किसान क्रेडिट कार्ड योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना,
- सर्व शिक्षा अभियान, आईसीडीएस, डिजिटल भारत भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम आदि।
सांसद कश्यप का बयान:
“हमारा उद्देश्य है कि शासन की योजनाएं भ्रष्टाचार मुक्त, प्रभावी और समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित हों। अधिकारियों को चाहिए कि वे लोकहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें।”
निष्कर्ष:
बैठक से स्पष्ट हुआ कि सांसद कश्यप जनता की बुनियादी ज़रूरतों – जैसे आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, बिजली, पानी और रोजगार – पर केंद्रित योजनाओं को तेज़ गति से लागू करवाने के लिए सजग हैं। उनके द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन से बस्तर अंचल में विकास की गति तेज होने की उम्मीद है।
