
रायपुर न्यूज धमाका – राजनांदगांव जिले के नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शिष्टाचार मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर और जिले में गत डेढ़ वर्षों में हुए अन्य महत्वपूर्ण विकास‑कार्यों के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया।
डिजिटल ग्राम पंचायत: “अटल डिजिटल सेवा केंद्र”
- मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल—राष्ट्रीय पंचायत दिवस—के दिन प्रदेश की चयनित ग्राम पंचायतों में “अटल डिजिटल सेवा केंद्रों” की शुरुआत हुई है।
- अब ग्रामीणों को ग्राम पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग और अन्य ई‑सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- जल्द ही शेष पंचायतों को भी इस डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
विकास का खाका: 600 करोड़ से अधिक के कार्य
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि राजनांदगांव जिले में:
| क्षेत्र | प्रगति / योजना |
|---|---|
| पेयजल विस्तार | पाइपलाइन व स्टोरज टैंकों का उन्नयन |
| सड़क निर्माण | ग्रामीण सड़कों से लेकर नगर‑आंतरिक सड़कों का चौड़ीकरण |
| अधोसंरचना | नालंदा परिसर, नई शासकीय इमारतें एवं स्वास्थ्य उप‑केंद्र |
इन योजनाओं पर ₹600 करोड़ से अधिक स्वीकृत हो चुके हैं, जिनका प्रत्यक्ष लाभ शहरी‑ग्रामीण नागरिकों को मिल रहा है।
सतत और समावेशी विकास का भरोसा
मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार “संतुलित, समावेशी और सतत विकास” के सिद्धांतों पर कटिबद्ध है। उन्होंने कहा:
“प्रशासनिक प्रक्रिया को चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन कर पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाई जा रही है; यह विकास सबके लिए है।”
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
- पूर्व सांसद प्रदीप गांधी
- कोमल राजपूत, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारी
- राजनांदगांव के गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता
निष्कर्ष
राजनांदगांव का यह प्रतिनिधिमंडल राज्य शासन और स्थानीय प्रशासन के बीच “जन सुनवाई और फीडबैक” के सेतु की तरह कार्य कर रहा है। डिजिटल सेवा केंद्रों से लेकर अधोसंरचना परियोजनाओं तक, छत्तीसगढ़ सरकार के ये कदम ग्रामीण सशक्तिकरण और पारदर्शी सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
