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सब-इंजीनियर परीक्षा में हाईटेक डिवाइस से फर्जीवाड़ा, दो युवतियां पकड़ी गईं

PWD सब इंजीनियर परीक्षा में वॉकी-टॉकी से नकल, युवती अंतर्वस्त्र में छुपा कर ले गई कैमरा और माइक, और बाहर सहेली...

बिलासपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित सब-इंजीनियर भर्ती परीक्षा में रविवार को एक मुन्नाभाई एमबीबीएस स्टाइल नकल का मामला उजागर हुआ। परीक्षा में शामिल दो युवतियां अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से संगठित नकल रैकेट चला रही थीं।

घटना सरकंडा स्थित शासकीय स्वामी आत्मानंद स्कूल (रामदुलारे केंद्र) की है, जहाँ एक युवती परीक्षा केंद्र के अंदर बैठी परीक्षा दे रही थी, जबकि उसकी सहेली बाहर ऑटो में बैठकर उसे जवाब भेज रही थी।


ऑटो चालक की सतर्कता से फूटा फर्जीवाड़ा का भांडा

नकल की यह हाईटेक चालबाजी तब सामने आई जब एक सतर्क ऑटो चालक को बाहर बैठी युवती की संदिग्ध गतिविधियों पर शक हुआ। उसने तत्काल अपने परिचित एनएसयूआई नेता को सूचना दी। जब नेता अपने साथियों के साथ मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि युवती के पास लैपटॉप, ईयरपीस, माइक्रो कैमरा व अन्य डिवाइसेज़ मौजूद थे।

पूछताछ में युवती ने स्वीकार किया कि वह परीक्षा हॉल में बैठी अपनी सहेली को लाइव उत्तर भेज रही थी। उसके संकेत पर जब परीक्षा केंद्र में कार्रवाई की गई तो भीतर बैठी दूसरी युवती भी रंगे हाथ पकड़ी गई।


हाईटेक नकल का ‘फुल सेटअप’ जब्त

पुलिस ने दोनों युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। उनके पास से बरामद सामान में शामिल हैं:

  • लैपटॉप और मोबाइल फोन
  • माइक्रो कैमरा और ब्लूटूथ डिवाइस
  • ईयरपीस और वॉइस रिसीवर
  • हाई-स्पीड डेटा डोंगल

सभी उपकरणों का इस्तेमाल रियल टाइम उत्तर भेजने के लिए किया जा रहा था।


सोशल मीडिया में वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों द्वारा रिकॉर्ड किया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में नकल का पूरा modus operandi और दोनों युवतियों की गिरफ्तारी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।


व्यापम पर उठे सवाल, पुलिस कर रही गहन जांच

सरकंडा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और नकल गिरोह के पीछे छिपे बड़े नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है।
वहीं, इस घटना ने एक बार फिर व्यापम परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।


प्रशासन और शिक्षा विभाग पर भी दवाब

इस घटना के बाद अब व्यापम और शिक्षा विभाग के अधिकारी केंद्रों की निगरानी प्रणाली की समीक्षा करने में जुटे हैं।
संभावना जताई जा रही है कि इस तरह की नकल कई अन्य केंद्रों पर भी हो सकती है, जिनकी छानबीन की जा रही है।


सवाल जो खड़े हुए हैं:

  • परीक्षा केंद्र की तलाशी और निगरानी में यह चूक कैसे हुई?
  • क्या परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की स्कैनिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी?
  • इस रैकेट से जुड़े अन्य लोग कौन हैं?

निष्कर्ष:
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नकल के तरीके अब बेहद हाईटेक हो चुके हैं, और परीक्षा व्यवस्थाओं को भी उसी स्तर पर अपग्रेड करने की आवश्यकता है। साथ ही, नकल करने वालों पर कठोर कार्रवाई से ही इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सकता है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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