
बिलासपुर न्यूज धमाका – मोबाइल गेम ‘Free Fire’ एक 14 वर्षीय किशोर की जान का कारण बन गया। चकरभाठा क्षेत्र में सड़क पर चलते हुए गेम खेलने में मशगूल किशोर आदित्य लखवानी का अचानक पैर फिसल गया, जिससे वह सिर के बल जमीन पर गिरा। सिर पर गंभीर चोट लगने से उसे बचाया नहीं जा सका और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना का विवरण:
- मृतक: आदित्य लखवानी (14 वर्ष), निवासी – चकरभाठा
- स्थान: चकरभाठा, बिलासपुर
- समय: सोमवार दोपहर
- परिस्थिति: दोस्तों के साथ टहलते हुए मोबाइल पर ‘Free Fire’ खेल रहा था
- घटना: संतुलन बिगड़ने से गिरा, सिर पर गहरी चोट, अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित
परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों की बात:
मृतक के भाई राहुल भयानी ने बताया:
“हम सब सड़क पर घूमते हुए मोबाइल गेम खेल रहे थे। उसी दौरान आदित्य का पैर फिसल गया और वह सिर के बल गिर पड़ा। पहले उसे बिल्हा अस्पताल ले जाया गया, फिर सिम्स रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”
राहुल ने यह भी बताया कि आदित्य को बचपन से ही मोबाइल गेम खेलने की आदत थी, खासकर ‘Free Fire’ में वह घंटों व्यस्त रहता था।
सवाल खड़े करती घटना:
- क्या बच्चों में मोबाइल गेमिंग की लत जानलेवा बनती जा रही है?
- क्या स्कूलों और अभिभावकों को डिजिटल अवचेतनता के खिलाफ और जागरूकता लाने की ज़रूरत है?
- क्या इस उम्र में बच्चों को बिना निगरानी मोबाइल और इंटरनेट देना सुरक्षित है?
विशेषज्ञों की राय:
बाल मनोविज्ञानी डॉ. संजय अग्रवाल कहते हैं:
“14-15 वर्ष की उम्र में मस्तिष्क अत्यधिक उत्तेजनशील होता है और गेमिंग की लत से ध्यान भटकता है। यह मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से खतरनाक साबित हो सकता है, खासकर जब बच्चे चलती सड़क या सीढ़ियों जैसे स्थानों पर मोबाइल इस्तेमाल करते हैं।”
समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी
यह घटना न केवल एक मासूम की दर्दनाक मौत है, बल्कि समाज के लिए डिजिटल लत की भयावहता का संकेत है। अभिभावकों, शिक्षकों और नीति निर्माताओं को बच्चों के स्क्रीन टाइम और मोबाइल गेमिंग की आदतों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।



