
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही न्यूज धमाका – लगातार भारी बारिश से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में नदियाँ और नाले उफान पर हैं। इसी बीच एक कोयले से भरा ट्रक मझवानी गांव के पास तेज बहाव के चलते पुल से नीचे गिर गया। हादसे में ट्रक पूरी तरह पानी में बह गया, जबकि चालक को जेसीबी मशीन की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। पूरी घटना का लाइव वीडियो सामने आया है, जो स्थानीय बस सहायक ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया।
घटना का विवरण
यह हादसा बिलासपुर-रतनपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माणाधीन हिस्से में हुआ, जहाँ इन दिनों सड़क की हालत बेहद खराब है। मझवानी गांव के पास पुल पर से तेज़ बहाव में बिलासपुर की ओर से आ रहा कोयला-लोडेड ट्रक पार करने की कोशिश कर रहा था। लापरवाही में चालक ने पानी के बहाव को नजरअंदाज किया और ट्रक समेत पुल पार करने की कोशिश की। लेकिन बहाव इतना तेज़ था कि ट्रक फिसलकर सीधे नीचे गिर गया।
चालक का रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचा। जेसीबी मशीन की मदद से चालक को किसी तरह ट्रक की केबिन से निकालकर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। गनीमत रही कि समय पर मदद मिलने से जान बचाई जा सकी। ट्रक में लोड कोयला तेज़ धार में बह गया।
बारिश का असर – स्थिति चिंताजनक
पिछले 4–5 दिनों से बिलासपुर संभाग में भारी बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे सड़कें धंस चुकी हैं, कई पुलिया टूट गई हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग-130A पर लंबा जाम लगा है। पहाड़ी इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे यात्रा बेहद जोखिमपूर्ण हो गई है।
निर्माण कार्य में लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। न तो वैकल्पिक रास्तों की समुचित व्यवस्था है और न ही चेतावनी बोर्ड। हादसे के बाद निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
वीडियो वायरल – प्रशासन अलर्ट पर
हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे प्रशासन की नींद टूटी है। अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों से परहेज करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
निष्कर्ष
यह हादसा एक सावधानी और सूझबूझ की कमी का परिणाम है। तेज बहाव में पुल पार करने का निर्णय न केवल चालक के लिए जानलेवा साबित हो सकता था, बल्कि अन्य यात्रियों को भी जोखिम में डाल सकता था। प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए यह एक चेतावनी है कि जलप्रलय जैसी स्थिति में धैर्य और सतर्कता ही जीवन रक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।



