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बलरामपुर में हृदय विदारक हादसा: उफनते नाले में बह गई मां और दो वर्षीय बेटा, मायके से लौट रही थी ससुराल

उफनते नाले में नौनिहाल बेटे के साथ बही महिला, मायके से लौट रही थी ससुराल…

बलरामपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बलरामपुर ज़िले से एक दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। मायके से ससुराल लौट रही एक महिला और उसका मासूम बेटा उफनते नाले में बह गए। यह हादसा शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के साही टोंगरी में सोमवार को उस वक्त हुआ, जब तेज़ बारिश के कारण नाला उफान पर था। महिला नाले के बीच फँस गई और पानी के बहाव में बेटे सहित बह गई।


हादसे का पूरा घटनाक्रम

  • मृतका की पहचान रजनी कोरवा (पति किशुन कोरवा) के रूप में हुई है, जो आमगांव की निवासी थी।
  • वह पिछले एक सप्ताह से मायके में थी और सोमवार को अपने दो वर्षीय पुत्र के साथ ससुराल लौट रही थी।
  • रास्ते में आने वाले साही टोंगरी के नाले को पार करते वक्त पानी का बहाव तेज था।
  • नाले के बीच में पहुँचते ही वह संभल नहीं पाई और दोनों बह गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन और मौत की पुष्टि

  • हादसे की सूचना मिलते ही शंकरगढ़ पुलिस मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
  • कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव नाले से बाहर निकाले गए।
  • शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।
  • इस माँ-बेटे की असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

कई सवाल छोड़ गया यह हादसा

  • क्या इस नाले पर पुल या सुरक्षित रास्ता नहीं है?
  • क्या प्रशासन ने मानसून के दौरान ऐसे संवेदनशील मार्गों पर चेतावनी बोर्ड या बैरिकेड्स लगाए हैं?
  • क्यों ग्रामीणों को हर साल इसी तरह की दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है?

निष्कर्ष

हर साल मानसून के दौरान छत्तीसगढ़ और देश के अन्य हिस्सों से ऐसे हादसों की खबरें आती हैं। यह सिर्फ एक त्रासदी नहीं, बल्कि व्यवस्थागत चूक का परिणाम है। यदि समय रहते स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी और व्यवस्था की होती, तो शायद रजनी और उसके मासूम बेटे की जान बचाई जा सकती थी।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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