
दंतेवाड़ा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सल विरोधी अभियान “लोन वर्राटू” की बड़ी सफलता सामने आई है। इस अभियान से प्रभावित होकर दो इनामी माओवादियों समेत कुल 7 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है।
आत्मसमर्पित नक्सली:
- जुगलू उर्फ सुंडुम कोवासी (पोमरा आरपीसी, इनामी ₹50,000)
- दशा उर्फ बुरकू पोड़ियाम (पोमरा आरपीसी, इनामी ₹50,000)
- भोजा राम माड़वी (बोदली आरपीसी)
- लखमा उर्फ सुती मरकाम (उतला आरपीसी)
- रातू उर्फ ओठे कोवासी (बेचापाल आरपीसी)
- सुखराम पोड़ियाम (पल्लेवाया आरपीसी)
- पंडरू राम पोड़ियाम (डुंगा आरपीसी)
इन सभी नक्सलियों पर रोड जाम, पोस्टर-बैनर लगाना, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना, और बंद सप्ताह के दौरान हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप रहे हैं।
सुरक्षा बलों की बड़ी भूमिका
इस आत्मसमर्पण अभियान में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, 230वीं और 195वीं बटालियन सीआरपीएफ की अहम भूमिका रही। इन सुरक्षा बलों ने जंगलों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार दबाव बनाए रखा, जिससे माओवादी आत्मसमर्पण को मजबूर हुए।
पुनर्वास योजना का लाभ
सरकार ने आत्मसमर्पित माओवादियों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता, स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण, और कृषि भूमि जैसे लाभ पुनर्वास नीति के तहत देने की घोषणा की है।
अभियान की अब तक की सफलता
लोन वर्राटू अभियान के अंतर्गत अब तक 238 इनामी नक्सलियों समेत कुल 991 माओवादी समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं।
विशेष टिप्पणी:
यह घटनाक्रम एक ओर जहाँ प्रशासनिक रणनीति की सफलता दर्शाता है, वहीं यह संकेत भी देता है कि अब आदिवासी क्षेत्रों में विकास और विश्वास का माहौल बन रहा है।


