
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में एक नया मोड़ सामने आया है। जेल में बंद मुख्य आरोपी अनवर ढेबर द्वारा दाखिल याचिका पर 23 मई को सुनवाई होगी। याचिका में उन्होंने 8 डिस्टलरी संचालकों को घोटाले में सहभागी बताते हुए उन्हें भी आरोपी बनाए जाने की मांग की है।
अनवर ढेबर का आरोप: ‘एकपक्षीय कार्रवाई’
अनवर ढेबर ने अदालत में दावा किया है कि ईओडब्ल्यू ने उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की है और वास्तविक दोषियों को बचाया जा रहा है। विशेष न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनवाई को 14 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है।
जिन डिस्टलरी संचालकों को घसीटा गया याचिका में:
- वेलकम डिस्टलरी
- भाटिया वाइन मर्चेंट
- छत्तीसगढ़ डिस्टलरी
- मैसर्स नेक्स्ट जेनरेशन
- दिशिता वेंचर्स
- ओम साईं बेवरेज
- सिद्धार्थ सिंघानिया
- मैसर्स टॉप सिक्योरिटी डिस्टलरी
अनवर का आरोप है कि इन सभी कंपनियों के संचालक घोटाले में समान रूप से संलिप्त हैं और उन्हें जांच में शामिल नहीं किया गया।
कवासी लखमा की भी बढ़ी रिमांड
इधर मामले में सहआरोपी और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, जो वर्तमान में सुकमा से विधायक हैं, उनकी न्यायिक रिमांड को 23 मई तक बढ़ा दिया गया है। लखमा को पहले ही इस घोटाले में गिरफ्तार किया जा चुका है और ईओडब्ल्यू लगातार उनसे पूछताछ कर रही है।
