
बिलासपुर,न्यूज़ धमाका :-युद्ध भूमि यूक्रेन से शनिवार दोपहर एक बजे मेडिकल छात्र व तखतपुर निवासी निलेश जायसवाल बिलासपुर पहुंचा। अभार जताते हुए कहा कि एक अखबार के माध्यम से लगातार खबर प्रकाशित कर मेरा मनोबल बढ़ाया। माता-पिता और घरवालों को आस जगी कि उनका बेटा सुरक्षित पहुंचेगा। भारत सरकार के उचित कदम उठाने से वापसी संभव हुआ। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से हर संभव मदद मिला। कहा कि यूक्रेन में चारों तरफ सिर्फ धुआं-धुआं सा है। सबकुछ तबाह हो चुका है।
यूक्रेन में भारी बमबारी, राकेट हमले, बंदूक की गोलियां और तबाही से भरे मंजर के बीच 108 घंटे की सफर तय कर वतन वापसी संभव हुआ। निलेश ने कहा कि 28 फरवरी को यूक्रेन की राजधानी कीव से ट्रेन द्वारा सफर प्रारंभ हुआ जो हवाई जहाज से होते हुए कार में समाप्त हुआ। खास बातचीत करते हुए बताया कि यूक्रेन में स्थिति बेहद चिंताजनक है। टीवी न्यूज चैनल, इंटरनेट मीडिया में दिखाए जा रहे समाचारों से स्थिति एकदम अलग है। चारों ओर तबाही का मंजर है।
यूक्रेन के लोग डरे हुए हैं। टैक्सी, ट्रेन, पैदल जैसी सुविधा मिल रही बार्डर पार कर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं को सबसे पहले देश से बार्डर तक पहुंचाया जा रहा है। भारतीय छात्रों की स्थिति अब भी खराब है। कई मेडिकल स्टूडेंट खार्कीव एवं अन्य शहरों में फंसे हुए हैं। किसी तरह मैं अपने वतन वापस आ सका हूं यही प्रसन्न्ता है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि सभी छात्र जल्द वापस आ जाएं। हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है।

