
मुरैना जिले में नैनागढ़ रोड स्थित बाल संप्रेषण ग्रह (बच्चों की जेल) से चार किशोर शनिवार को भाग गए। बताया गया है कि संप्रेषण गृह का एक दरवाजा खुला रहने के कारण चार अपचारी किशोरों को भागने का मौका मिल गया। इस घटना के दूसरे दिन पुलिस हरकत में आई।
मुरैना बाल संप्रेषण गृह से भागे अपचारियों की घटना को प्रशासन और संप्रेषण गृह के द्वारा दबाने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन संप्रेषण गृह के अधीक्षक द्वारा कोतवाली थाना प्रभारी को भेजी गई चिट्ठी ने इस घटना का खुलासा कर दिया। इसमें बताया गया है कि शनिवार की दोपहर 12:00 बजे के करीब संप्रेषण गृह के चार किशोर अपचारी भाग गए हैं। संप्रेषण गृह में एसएएफ का 1-4 का गार्ड तैनात था, इसके अलावा नगर सैनिक का एक सुरक्षाकर्मी भी पदस्थ है। इतनी भारी सुरक्षा के बीच चार अपचारी किशोर भागने से संप्रेषण गृह प्रबंधन में हड़कंप सा है। बताया गया है कि कोई दरवाजा खुला रह गया, जिससे चारों अपचारी निकले और एक सुरक्षा गार्ड को झांसा देते हुए मेन गेट से निकलकर भाग गए हैं। मुरैना बाल संप्रेषण गृह से किशोर अपचारी भागने की यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
तीन हत्या के प्रयास, एक चोरी का आरोपितः बाल संप्रेषण गृह के अधीक्षक द्वारा कोतवाली थाने में भेजी गई चिट्ठी में बताया गया है कि जो तीन अपचारी भागे हैं, उनकी उम्र 16 व 17 साल की है। इनमें से तीन भिंड जिले के हैं जो हत्या के प्रयास मैं बाल संप्रेषण गृह में बंद थे। इसके अलावा ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र का एक 16 वर्षीय अपचारी है, जो घर में घुसकर चोरी का आरोपी बताया जा रहा है। इन चारों को दरवाजा खुला मिला तो पूरी प्लानिंग के साथ मिलकर भागे हैं।
22 घंटे बाद पुलिस हरकत में आईः बाल संप्रेषण गृह से चार किशोर अपचारी भागने की घटना शनिवार 12 बजे के करीब हुई और इसके बाद पुलिस को हरकत में आने के लिए पूरे 22 घंटों का समय लग गया। रविवार की सुबह जब मीडियाकर्मी कोतवाली थाने में पहुंचे तब कोतवाली पुलिस टीम सुबह 10:15 बजे के बाद बाद संप्रेषण गृह पहुंची और पूछताछ में जुट गई।



