
तिरियारपानी मुठभेड़ में पुलिस ने दो हथियार कब्जे में लिए, 2007 के हमले की याद ताजा
कांकेर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ पुलिस को तिरियारपानी मुठभेड़ में बड़ी सफलता मिली है। रानी बोदली कैंप से 2007 में लूटे गए हथियारों में से दो हथियार बरामद किए गए हैं। तीसरे हथियार की पुष्टि अभी जारी है।
रानी बोदली कैंप हमला – पृष्ठभूमि
- 15 मार्च 2007 को नक्सलियों ने बीजापुर के रानी बोदली कैंप पर हमला किया।
- लगभग 600 नक्सलियों ने रात 12 बजे कैंप घेर लिया।
- इस हमले में 55 जवान शहीद हुए और 7 नक्सली मारे गए।
- नक्सलियों ने कैंप से 13 एसएलआर, 9 थ्री नाट थ्री, 3 AK-47, 1 इंसास, 1 2 इंच मोर्टार, 1 नाइट विज़न डिवाइस और 10 मसकेट लूटे थे।
तिरियारपानी मुठभेड़ में हथियार बरामद
- बरामद हथियार:
- 7.62 एसएलआर, बॉडी नंबर BZ 0304
- थ्री नाट थ्री रायफल, बॉडी नंबर 16670
- तीसरे हथियार 12 बोर बंदूक की पुष्टि की जा रही है।
- यह सफलता कांकेर पुलिस और राज्य सुरक्षा बल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सलवा जुडूम आंदोलन की पृष्ठभूमि
- साल 2005 में सलवा जुडूम आंदोलन की शुरुआत हुई थी।
- आदिवासी युवकों ने नक्सलियों के खिलाफ आवाज उठाई, जिसके बाद करकेली और आसपास के गांवों में आंदोलन हुआ।
- आंदोलन का उद्देश्य था माओवादी हिंसा और नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- यह आंदोलन आदिवासी समुदाय और स्थानीय नेताओं की भागीदारी से शुरू हुआ।
