
धमतरी न्यूज धमाका – जिले में सोमवार को एक हैरान करने वाली घटना सामने आई, जब आवास योजना में नाम न जुड़ने से नाराज़ युवक ने कलेक्ट्रेट के सामने आत्मदाह करने की कोशिश की। गनीमत रही कि वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से युवक को समय रहते बचाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घटना से जिला प्रशासन और जनदर्शन में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
पेट्रोल डालकर आया जनदर्शन में
घटना में ग्राम डोमा निवासी करण सोनकर नामक युवक शामिल है, जिसने कलेक्ट्रेट के सामने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। युवक ने बताया कि वह 6 से 7 बार आवास योजना के तहत आवेदन कर चुका है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
“नाम ही काट दिया गया…” – पीड़ित युवक का आरोप
करण सोनकर ने आरोप लगाया कि उसके आवेदन में जानबूझकर नाम काट दिया गया, जिससे वह लगातार मानसिक रूप से परेशान था। गांव की सरपंच गुंजा साहू के व्यवहार को भी उसने अपनी परेशानी का कारण बताया। युवक के अनुसार, बार-बार चक्कर काटने के बावजूद उसे न घर मिला, न जवाब।
सुरक्षा कर्मियों ने बचाया, जिला अस्पताल में भर्ती
युवक जैसे ही आत्मदाह की कोशिश कर रहा था, वैसे ही कलेक्ट्रेट में मौजूद गार्ड्स ने उसे धर-दबोचा और नहलाकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। रुद्री पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रशासन की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
घटना के बाद से जिला प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस मामले ने शासन की योजनाओं की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“आवेदन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही थी… इसलिए ये कदम उठाया।”
— करण सोनकर, पीड़ित युवक
क्या कहता है यह मामला?
यह घटना प्रशासनिक जवाबदेही, योजनाओं के क्रियान्वयन, और आम नागरिकों की समस्याओं की अनदेखी पर एक बड़ा सवालिया निशान है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाले गए, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और गंभीर रूप ले सकती हैं।



