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छत्‍तीसगढ़ में इन लोगों को नहीं मिलेगा सरकारी राशन, तुरंत करा ये छोटा-सा काम, वरना आप भी होंगे इनकी लिस्‍ट में शामिल

रायपुर न्यूज़ धमाका – राजधानी में 91 हजार और पांच लाख राशनकार्डधारी गायब है। अब तक भी रायपुर के छह लाख एक हजार 735 में से 91 हजार 481 कार्डधारियों का अता-पता नहीं है। अभी तक जिले में 86.2 प्रतिशत कार्डधारियों ने सत्यापन कराया है। ऐसे में अब ये अपात्र मान लिए जाएंगे। इन्हें सरकारी राशन मिलना भी बंद हो जाएगा।

प्रदेश भर में 76 लाख 83 हजार 426 कार्डधारी हैं। पांच लाख 99 हजार 701 आवेदन नहीं किया है। 71 लाख 22 हजार 721 कार्डधारियों का कार्ड प्रिंट हो गया है। पूरे प्रदेश में अभी तक 94.1 प्रतिशत कार्डधारियों का सत्यापन हुआ है। सात माह से लगातार प्रक्रिया राशनदुकानों और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से चल रही है। अब नए राशनकार्ड नगरीय निकायों से बांटने लगे हैं। इसके बाद भी इन राशनकार्ड का नवीनीकरण नहीं हुआ है।

राशन लेने पहुंचेंगे तो देना होगा जानकारी

ऐसे कार्डधारी यदि खाद्यान्न लेने पहुंचेंगे तो उनकी जानकारी विभाग को देने के लिए कहा गया है। विभाग को आशंका है कि ये राशनकार्ड बोगस तो नहीं है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक बार कार्ड ब्लॉक होने के बाद जब तक लोग सत्यापन नहीं करते तब तक उनका राशनकार्ड शुरू नहीं होगा।

ग्रामीण इलाकों में ज्यादा हुआ सत्यापन

आवेदन जमा नहीं करने की स्थिति वाले इलाकों पर गौर करें तो सबसे बुरी स्थिति नगरीय निकाय की है। यहां 79.19 फीसदी आवेदन प्राप्त हुए हैं। जबकि ग्रामीण इलाकों में 93 प्रतिशत सत्यापन हो चुका है। राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए प्रचार-प्रसार के अलावा मुनादी भी कराई जा रही है। इसके बाद भी करीब लाखों परिवारों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर भूपेंद्र मिश्रा ने कहा, राशनकार्ड के सत्यापन की गति में तेजी लाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग के एप के माध्यम से सत्यापन कर सकते है। दुकानों में जाकर भी आसानी से सत्यापन कराया जा सकता है।

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Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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